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मृत मजदूर की मदद करेगी कंपनी

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द जनमित्र डेस्क

जिले में स्थित निर्माणाधीन थर्मल पावर प्लांट में मजदूर की मौत के मामले में गुरुवार देर रात महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। मजदूर संगठनों के तीव्र विरोध और प्रदर्शन के दबाव के बाद पावर मेक कंपनी ने मृतक के परिजनों को मुआवजे का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। यह मामला 8 जनवरी की सुबह हुए हादसे के बाद से तनावपूर्ण बना हुआ था।

हादसे में मृतक की पहचान गया जिले के निवासी राजकुमार मल्लाह (44 वर्ष) के रूप में हुई है, जिनके पिता का नाम मंगेश्वर मल्लाह है। राजकुमार 10 दिसंबर 2024 से पावर मेक कंपनी में ग्राइंडर का काम कर रहे थे। घटना उस समय हुई जब वे 10 टन से अधिक वजनी पाइप फिटिंग के लिए ग्राइंडिंग कर रहे थे। अचानक पाइप स्लिप हो गया और राजकुमार उसके नीचे दब गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

मजदूरों ने इस हादसे को सुरक्षा मानकों की गंभीर लापरवाही करार दिया है। उनका आरोप है कि पाइप के वजन के अनुरूप उचित मशीन का इस्तेमाल नहीं किया गया, जो ठेकेदार की सीधी लापरवाही को दर्शाता है।

समझौते के तहत पावर मेक कंपनी ने मृतक की पत्नी संगीता देवी को कुल 10 लाख रुपये मुआवजा देने का वादा किया है। इसमें 1.5 लाख रुपये तत्काल अंतिम संस्कार के लिए दिए जाएंगे, जबकि शेष 8.5 लाख रुपये 10 दिनों के भीतर डिमांड ड्राफ्ट से उनके खाते में जमा किए जाएंगे।

इसके अलावा, थर्मल पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एसजेवीएन और एलएंडटी द्वारा स्टाफ सहयोग राशि के रूप में 5 लाख रुपये अतिरिक्त प्रदान किए जाएंगे। कंपनी ने मृतक की पत्नी को आजीवन 2900 रुपये मासिक पेंशन देने की भी घोषणा की है। मृतक के दो बच्चों को पढ़ाई के लिए 750 रुपये प्रतिमाह की सहायता 25 वर्ष की आयु तक मिलेगी, हालांकि यदि बच्चों की शादी 25 वर्ष से पहले हो जाती है तो यह सहायता बंद हो जाएगी।

कुल मिलाकर, कंपनी ने परिवार को 26 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि देने का लिखित आश्वासन दिया है।

यह समझौता प्लांट में कार्यरत हजारों मजदूरों के विरोध के बाद ही संभव हो सका। मजदूरों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सौंपने से इनकार कर दिया था और प्रदर्शन किया। सूचना पर मजदूर-किसान नेता रामप्रवेश यादव, स्थानीय विधायक की टीम और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर दबाव बनाया, जिसके बाद लिखित आश्वासन मिला। आश्वासन मिलने के बाद रात करीब 12 बजे पुलिस ने शव कब्जे में लिया।

मजदूर नेता रामप्रवेश यादव ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थर्मल पावर निर्माण में सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। खराब मौसम में भी ऊंचाई पर काम के लिए दबाव डाला जाता है और बिना सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से काम लिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो मजदूर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्लांट में स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है।

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