स्थानीय

बक्सर में शीतलहरः 15 स्थानों पर अलाव जलाए, रैन बसेरा में महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था

Spread the love

द जनमित्र डेस्क

उत्तर भारत में लगातार गिरते पारे और संभावित शीतलहर के मद्देनजर बक्सर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी के अनुसार, राज्य में दिसंबर के अंतिम सप्ताह से जनवरी के तीसरे सप्ताह तक शीतलहर का प्रकोप रहता है, जब तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच जाता है। इस दौरान मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ पशुओं पर भी गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

शीतलहर की चपेट में आने पर शरीर अत्यधिक ठंडा हो जाना, हाथ-पैर सुन्न पड़ना, तेज कंपकंपी, जी मिचलाना, उल्टी, अर्द्धबेहोशी या बेहोशी जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इन खतरों को देखते हुए जिला प्रशासन ने जनता के लिए विस्तृत एहतियाती दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

बच्चों और वृद्धों को विशेष सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने आमजन से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की गुजारिश की है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से पूरी तरह बचाकर रखने को कहा गया है। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो ऊनी गर्म कपड़े पहनें और सिर, चेहरा, हाथ-पैर पूरी तरह ढककर रखें। साथ ही समाचार पत्र, रेडियो और टेलीविजन से मौसम की लगातार जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।

शरीर में गर्मी बनाए रखने के लिए पौष्टिक भोजन और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने पर जोर दिया गया है। बंद कमरों में अंगीठी, कोयला, लालटेन या दीया जलाते समय धुएं के निकास का पूरा इंतजाम करने और उपयोग के बाद इन्हें पूरी तरह बुझाने की हिदायत दी गई है। हीटर या ब्लोअर इस्तेमाल करने के बाद स्विच ऑफ करना अनिवार्य बताया गया, क्योंकि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

15 प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था
राज्य सरकार के निर्देश पर शीतलहर से राहत देने के लिए रात्रि में सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर नगर परिषद द्वारा शहर के 15 प्रमुख चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अलाव की व्यवस्था की गई है। इनमें बस स्टैंड, मॉडल थाना चौक, ज्योति चौक, अंबेडकर चौक, रामरेखा घाट और गोलंबर जैसे स्थान शामिल हैं, ताकि राहगीरों व जरूरतमंदों को ठंड से राहत मिल सके।

रैन बसेरा में महिलाओं के लिए अलग फ्लोर
नगर परिषद क्षेत्र में 50 बेड क्षमता वाला रैन बसेरा भी संचालित किया जा रहा है। इसमें एक पूरा फ्लोर (20 बेड) विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित है। यहां कंबल, बिस्तर, स्वच्छ पेयजल तथा महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बेघर और बेसहारा लोगों को सुरक्षित आश्रय मिल रहा है।

हृदय रोगियों व पशुओं के लिए विशेष सतर्कता
उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतने तथा नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी गई है। जरूरत पड़ने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल से तुरंत संपर्क करने को कहा गया है। पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उनके बथान को गर्म रखने और बीमार होने पर पशु चिकित्सक से सलाह लेने की अपील की गई है।

आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस सेवा के लिए 102 या 108 नंबर पर कॉल करने की जानकारी दी गई है। जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि शीतलहर से प्रभावित जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

Comment here