द जनमित्र | शशि
बक्सर के डुमरांव प्रखंड के लालगंज कड़वी गांव में एक दुखद घटना घटित हुई। सांप के काटने से दो लोगों, नवी राय (19) और रीता देवी (30), की असमय मृत्यु हो गई। यह हादसा न केवल दुखद है, बल्कि अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को भी उजागर करता है।





नवी राय को सांप ने काटा तो वह अस्पताल जाने की बजाय कंजिया धाम में झाड़-फूंक कराने पहुंच गया। समय बीतने के साथ उसकी हालत बिगड़ती गई। आनन-फानन में उसे प्रताप सागर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरी ओर, रीता देवी ने सांप के काटने को हल्के में लिया। जब पेट दर्द और उल्टी ने उन्हें जकड़ा, तब उन्हें बक्सर सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के बावजूद वह जिंदगी की जंग हार गईं। रीता के पीछे दो मासूम बच्चे, शिवम (8) और संतु (3), बेसहारा छूट गए।
इस घटना ने गांव में शोक की लहर दौड़ा दी। स्नेक रेस्क्यूअर हरिओम ने बताया कि बरसात के मौसम में सांपों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और सांप काटने पर तुरंत अस्पताल जाने की अपील की। उनका कहना था कि अंधविश्वास में समय गंवाने की बजाय त्वरित चिकित्सा ही जान बचा सकती है। ग्रामीण महेंद्र कुमार का भी यही मानना है कि अगर दोनों समय पर अस्पताल पहुंचे होते, तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
यह घटना हमें सिखाती है कि जागरूकता और समय पर कदम उठाना कितना जरूरी है। गांव में मातम का माहौल है, लेकिन यह एक सबक भी है कि अंधविश्वास की जगह विज्ञान और सावधानी को अपनाएं।


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