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डुमरांव में पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप

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द जनमित्र | शशि

डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग 922 के पास चिलहरी और प्रतापसागर गांवों के बीच पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। बुधवार की सुबह साढ़े दस बजे, लाठी-डंडों से लैस दो गुटों के बीच तीखी झड़प हुई। यह विवाद, जो शुरू में मामूली कहासुनी और वर्चस्व की जंग से उपजा, देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इस दौरान, प्रतापसागर निवासी मनीष कुमार (28), जो राजद का छात्र नेता बताया जाता है, गंभीर रूप से घायल हो गया। लाठियों के जोरदार प्रहार और गाड़ियों के शीशों की तोड़फोड़ ने इलाके में दहशत फैला दी। घटना से अफरा-तफरी मच गई, और आसपास के लोग सहम गए।

सूचना मिलते ही डुमरांव एसडीपीओ आफाक अख्तर अंसारी ने त्वरित कार्रवाई की। भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर उन्होंने स्थिति को काबू में किया। असामाजिक तत्वों में भगदड़ मच गई, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उन्हें खदेड़ दिया। एसडीपीओ ने बताया कि यह मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा है, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी विवाद को हिंसा में बदल दिया। घायल मनीष को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दोषियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। एसडीपीओ ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई पुराना विवाद था, तो दोनों पक्षों को पुलिस को सूचित करना चाहिए था। उनकी इस चेतावनी ने साफ कर दिया कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर पूछताछ की जा रही है, और मामले की तह तक जाने की कोशिश हो रही है।

इस घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग डर के साये में हैं, और पुलिस ने क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था की चुनौती को दर्शाती है, बल्कि यह भी सवाल उठाती है कि पुरानी रंजिशों को सुलझाने के लिए हिंसा का सहारा क्यों लिया जाता है। पुलिस की तत्परता ने स्थिति को बिगड़ने से रोका, लेकिन इस घटना ने सामाजिक सौहार्द पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।

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