द जनमित्र | शशि
सोमवार की सुबह, जब दुनिया अभी नींद से जाग रही थी, एनएच-922 पर भोजपुर कोठी के पास एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने हर देखने वाले का दिल दहला दिया। सुबह करीब 4:30 बजे दो ट्रेलरों की आमने-सामने की टक्कर ने न सिर्फ सड़क को हिलाया, बल्कि एक जिंदगी को भी लील लिया। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में लगी आग ने पूरे इलाके को सन्नाटे और दहशत में डुबो दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए हादसे के वीडियो ने लोगों की रूह कंपा दी।





बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश की ओर बालू लादकर जा रहा एक ट्रेलर (BR 28 GA 9839) भोजपुर कोठी के पास पहुंचा ही था कि उसका टायर अचानक फट गया। बस, यहीं से कहानी ने दर्दनाक मोड़ ले लिया। अनियंत्रित ट्रेलर सामने खड़े दूसरे ट्रेलर से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन पलक झपकते आग के हवाले हो गए। लपटों ने ट्रेलर को इस कदर निगला कि बचने की कोई गुंजाइश ही नहीं बची।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं। एक घंटे की जद्दोजहद के बाद आग तो बुझ गई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जले हुए ट्रेलर के केबिन से एक चालक का शव निकाला गया, जिसकी पहचान उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के गौनरिया राजा गांव के देवेंद्र कुमार के रूप में हुई। वह बालू लादकर यूपी की ओर जा रहा था, लेकिन किसे पता था कि यह उसका आखिरी सफर होगा।
दूसरे ट्रेलर का चालक दीनानाथ, जो पकड़ी नोनिया गांव का रहने वाला है, खुशकिस्मत रहा। वह पानी लेने के लिए गाड़ी रोककर उतरा था, तभी यह हादसा हुआ। उसका ट्रेलर भी आग की भेंट चढ़ गया, आधा जलकर राख हो गया। दीनानाथ ने बताया कि पीछे से आए ट्रेलर ने ऐसी टक्कर मारी कि सब कुछ पलभर में तबाह हो गया।
पुलिस अब मामले की तफ्तीश में जुटी है। आसपास के लोगों का गुस्सा और दर्द साफ देखा जा सकता है। उनकी मांग है कि इस सड़क पर रफ्तार के कहर को रोकने के लिए प्रशासन सख्त कदम उठाए। लोग नहीं चाहते कि कोई और जिंदगी इस तरह आग में झुलस जाए। यह हादसा सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है—सड़क पर लापरवाही की कीमत जिंदगी से चुकानी पड़ सकती है।


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