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प्रभावित किसान मोर्चा की बैठक हुई

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द जनमित्र न्यूज डेस्क

पंचायत भवन, बनारपुर में प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा ने एक जोरदार बैठक बुलाई, जिसमें किसानों का गुस्सा और हक की आवाज गूंजी। बैठक की कमान श्रीमती तेतरी देवी ने संभाली, जबकि मंच को श्री शिवजी तिवारी ने अपनी बुलंद आवाज से संचालित किया।




इस मौके पर रामप्रवेश सिंह यादव (मोर्चा अध्यक्ष, चौसा, बक्सर), जितेंद्र राय, मेराज खान, गोरख पांडेय, सियाराम सिंह, साधु सिंह, छेदी राय, नन्द कुमार राम जैसे दिग्गजों ने शिरकत की। साथ में थे ढेर सारे किसान, बेरोजगार नौजवान और स्थानीय ग्रामीण, जो अपने हक के लिए एकजुट थे।
बैठक में गहरी नाराजगी जाहिर की गई कि STPL कंपनी, स्थानीय गुंडों के दम पर, गैरकानूनी ढंग से वाटर पाइपलाइन बिछा रही है। इससे प्राकृतिक जल प्रवाह को ठेस पहुंच रही है, जो तीन गांवों की पानी निकासी और हजारों एकड़ खेती की जमीन के लिए जीवनरेखा है।
वक्ताओं ने बताया कि बनारपुर, बेचनपुरवा और मोहनपुरवा में चकबंदी का काम तो पूरा हो चुका है, लेकिन चक नक्शा पक्का न होने से किसी भी किसान की जमीन का सीमांकन नहीं हुआ। नतीजा? हजारों किसानों के मुकदमे अदालतों में लटके पड़े हैं।
खास बात यह कि 9 मई 2025 को अश्विनी कुमार चौबे की रैयती जमीन पर STPL ने पोकलेन मशीन से जबरन खुदाई शुरू कर दी। चौबे ने दो टूक कह दिया कि जब तक चकबंदी का नक्शा पक्का और नापी नहीं होती, कोई काम नहीं चलेगा। लेकिन कंपनी ने गुंडों के बल पर काम जारी रखा।
मोर्चा ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि अगर STPL ने जबरदस्ती काम जारी रखा, तो प्रभावित किसान खेतिहर मजदूर मोर्चा, चौसा, बक्सर कंपनी का सारा काम ठप कर देगा।

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