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गर्मी की आग: दमकल नाकाम, किसानों का नुकसान

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द जनमित्र | शशि

गर्मी की शुरुआत के साथ ही खेतों में आग की खबरें जोर पकड़ने लगी हैं। बक्सर के बरूना रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार दोपहर एक खेत में अचानक आग भड़क उठी। लपटें इतनी तेज थीं कि रेलवे ट्रैक तक पहुंच गईं, जिससे ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया।

मगध एक्सप्रेस समेत दो ट्रेनों को सुरक्षा के लिए बक्सर स्टेशन पर रोकना पड़ा। धुआं चारों तरफ फैल गया और स्थिति बेकाबू होने लगी। स्थानीय लोगों ने फौरन दमकल विभाग को खबर की। टीम पहुंची और आधे घंटे की जद्दोजहद के बाद आग पर काबू पाया। मगध एक्सप्रेस को 30 मिनट की देरी झेलनी पड़ी, और आग ठंडी होने के बाद ही उसे रवाना किया गया। सहायक जिला अग्निशमन अधिकारी सत्यदेव प्रसाद ने कहा कि सूचना मिलते ही गाड़ियां रवाना की गईं और हालात अब नियंत्रण में हैं।
उधर, ब्रह्मपुर प्रखंड के रघुनाथपुर बधार में दो अलग-अलग जगहों पर आग ने तबाही मचाई। खड़ी फसलें जल गईं, पशुओं का चारा राख बन गया, और किसानों को भारी नुकसान हुआ। आग की रफ्तार इतनी थी कि ब्रह्मपुर-बगेन मुख्य पथ के एक पेट्रोल पंप तक पहुंच गई। कर्मचारियों ने हिम्मत दिखाई और आग को आगे बढ़ने से रोका, लेकिन दमकल विभाग फिर नाकाम रहा। बार-बार फोन करने के बावजूद कोई गाड़ी नहीं आई। विभाग का बहाना था कि गाड़ी खराब है, और बक्सर से मदद का वादा भी हवा में रह गया। लोगों का गुस्सा फूट पड़ा, और दमकल की लचर व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।

तीसरी घटना रघुनाथपुर डोम टोली के पास हुई, जहां किसान सुभाष पाल की दो बीघा गेहूं की फसल जलकर स्वाहा हो गई। बाकी किसानों के चारे के ढेर भी नहीं बचे। आग का कारण साफ नहीं है, पर लोग हाईटेंशन तारों से चिंगारी की आशंका जता रहे हैं। ग्रामीण मुआवजे और बेहतर इंतजाम की मांग कर रहे हैं।
आग के पीछे शायद गर्मी और तेज हवाओं से सूखी घास-फूस जिम्मेदार हो, पर जांच जारी है। रेलवे और दमकल की सजगता से बड़ा हादसा टल गया। इस बीच, प्रशासन ने पराली जलाने वालों पर सख्ती बरतने का फैसला किया है। नियम तोड़ने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं से बाहर कर दिया जाएगा। खेतों में आग अब चिंता का सबब बन चुकी है, और हालात पर काबू पाना प्रशासन के लिए चुनौती है।

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