राजनीति

चुनावी जुमलों से कैसे होगा बक्सर का कल्याण

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ब्रह्मपुर से राजद विधायक शम्भू यादव ने केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पर बोला जोरदार हमला, कहा किसी भी पार्टी के बाहरी नेताओ के यंहा अब नही रहेगा बक्सर लोकसभा क्षेत्र बंधक. अश्विनी कुमार चौबे ने 10 बर्षो में खिंचवाई है केवल फोटो.

द जनमित्र| सरिता कुमारी

बक्सर : 2024 के लोकसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है. बीजेपी के वर्तमान सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे लगातार बक्सर लोकसभा क्षेत्र के अलग अलग विधानसभा क्षेत्र में शिलान्यास और उद्घाटन करते दिखाई दे रहे है. जिसको लेकर अब सियासत तेज हो गई है. महागठबन्धन के नेताओ ने बीजेपी सांसद पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि, अब बक्सर बाहरी नेताओ के पास बंधक नही रहेगा. जब चुनाव होता है तो मंत्री जी क्षेत्र में दिखाई देते है. लेकिन पिछले 10 सालों में एक भी उन्होंने कोई ऐसा काम नही किया जिससे बक्सर के लोगो का भला हो सके. चुनाव आता है तो योजनाओं के शिलान्यास की बाढ़ आ जाती है. लेकिन चुनाव खत्म होते ही सारे योजना गायब हो जाता है.

 

10 बर्षो में नही बना बक्सर और चौसा का आरओबी

2014 के लोकसभा चुनाव में मिली बड़ी सफलता के बाद बीजेपी सांसद अश्विनी कुमार चौबे ने इटाढ़ी रेलवे गुमटी पर लोगों को भिंड से निजात दिलाने के लिए आरओबी बनाने की घोषणा की, कई बार शिलान्यास के बाद काम भी शुरू हुआ. ग्यारह महीने के अंदर आरओबी बनकर तैयार हो जाने का दावा भी किया गया. लेकिन, अब तक न तो चौसा का आरओबी बनकर तैयार हुआ और न ही बक्सर का. जिससे लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे है.

क्या कहते है राजद विधायक

राजद विधायक शम्भू यादव ने भारतीय जनता पार्टी के सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि, पिछले 10 बर्षो से बाहरी नेताओं के पास बक्सर बंधक है. अब इस बार बक्सर की जनता बाहरी नेताओ से मुक्त करा लेगी. हमारे सांसद अश्विनी कुमार चौबे है. उन्होंने एक भी काम बक्सर के लिए नही किया. किसी भी पार्टी के द्वारा बाहरी नेताओ को टिकट दे दिया जाता है. उन्हें बक्सर के विकास पुल- पुलिया, सड़क स्कूल, कॉलेज से क्या लेना देना है. स्थानीय प्रतिनिधि होगा तो उसे बक्सर की चिंता होगी.

गौरतलब है कि पिछले 10 दिनों के अंदर बक्सर लोकसभा क्षेत्र में ताबड़तोड़ हो रहे शिलान्यास और उद्घाटन के साथ ही साथ नए नए घोषणाओं को सुनकर बक्सर वासी भी हैरान है, कि आजादी के बाद से अब तक किसी भी पार्टी के सांसद ने केंद्रीय विद्यालय के लिए 5 एकड़ भूमि की व्यवस्था तक नही करा पाया. तो आखिर नए केंद्रीय विद्यालय खोलने का सपना राजनेता कैसे दिखा रहे है.

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