6 हजार की बाइक पर डीटीओ ने ठोका 16 हजार का जुर्माना तो बीच सड़क पर फफक कर रोने लगे परीक्षा देकर वापस लौट रहे छात्र. जब अधिकारियो को नही आया दया तो, छात्र के जुर्माना की राशि चुकाने के लिए पत्रकार, जनप्रतिनधियो के साथ, स्थानीय लोगो ने दिया चंदा. कहा माफियाओ के सामने घुटना टेक देने वाले अधिकारी शरीफ लोगो पर झाड़ते है रौब.
द जनमित्र | सरिता कुमारी
बक्सर : जिले के डुमराव अनुमण्डल के कोरानसराय में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जिसे देखकर और सुनकर हर कोई हैरान है. कोरानसराय थाना के सामने वाहन जांच कर रहे जिला परिवहन पदाधिकारी ने 6 हजार की बाइक पर 16 हजार का जुर्माना लगा दिया. जिसके बाद परीक्षा देकर बाइक से वापस लौट रहे छात्र बीच सड़क पर ही रोता रहा, गिड़गिड़ाता रहा. लेकिन, वँहा मौजूद किसी भी अधिकारी को उनपर दया नही आई. स्कूल ड्रेस में बीच सड़क पर रो रहे छात्रो को देख वँहा से गुजर रहे राहगीरों ने भी जिला परिवहन पदाधिकारी से रहम की गुहार लगाई. लेकिन उन्होंने उनकी एक नही सुनी. जिसके बाद वँहा मौजूद जनप्रतिनिधियो, पत्रकारों एवं पुलिस वालों ने खुद अपनी जेब से पैसा देकर छात्रो की मदद की.
परीक्षा देकर वापस लौट रहे थे एक ही बाइक पर सवार होकर तीन छात्र
मिली जानकारी के अनुसार मुरार थाना क्षेत्र में स्थित राधा स्वामी आश्रम में रहकर आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे पढ़ाई करते है. रविवार को एक ही बाइक पर सवार होकर तीन छात्र परीक्षा देकर वापस लौट रहे थे, इसी दौरान डुमराव अनुमण्डल के कोरानसराय थाने के सामने वाहन जांच कर रहे जिला परिवहन पदाधिकारी की इनपर नजर पड़ी. जिसके बाद उन्होंने गाड़ी का पेपर मांगा, वाहन इतनी पुरानी थी कि न तो उसका कोई कागजात था और न ही बाइक चालक ने हेलमेट पहना था. जिसके बाद जिला परिवहन पदाधिकारी ने कुल 16 हजार का जुर्माना लगा दिया. जुर्माना की राशि सुनते ही स्कूल ड्रेस में मौजूद छात्र रोने लगे गिड़गिड़ाने लगे. उसके बाद भी उनकी किसी ने एक नही सुनी. बीच सड़क पर छात्रो को रोता बिलखता देख वँहा से गुजर रहे कंझारुआ पंचायत के मुखिया मोहम्मद असगर अल्ली के साथ ही कोरानसराय थाने की पुलिसकर्मी, राहगीरों के साथ पत्रकारों ने चंदा देकर छात्र की मदद की.
क्या कहता है छात्र
परीक्षा देकर वापस लौट रहे छात्र नीरज ने बताया कि राधा स्वामी आश्रम में रहकर वह बीएड की पढ़ाई करता है. पिता मजदूर है. परीक्षा देने की जल्दबाजी में न तो वह ड्राइवरी लाइसेंस ले पाया और न ही हेलमेट लिया. वापस लौटने के दौरान गांव का ही एक और छात्र मिल गया तो हमलोग एक ही बाइक पर तीन लोग सवार होकर जा रहे थे, तभी वाहन जांच के दौरान हमे रोका गया. हमलोग कान पकड़कर माफी भी मांगे लेकिन कोई सुनने को तैयार नही था. तो आंख से आंसू निकलने लगा. जिसके पास खाना खाने तक का पैसा नही है वह 16 हजार का जुर्माना कहा से देगा.
वही कंझारुआ पंचायत के मुखिया मोहम्मद असगर अल्ली ने बताया कि इन छात्रो से हमारा कोई रिस्ता नही है, और न ही ये मेरे पंचायत के है. जब हम यंहा से गुजर रहे थे तो, ड्रेस में इन छात्रो को रोता देख उतरा. डीटीओ साहब से हमने भी गुजारिश की लेकिन वह अपने जिद पर अड़े हुए थे. इन छात्रों के मदद के लिए हमने आपस मे चंदा लगाया, जिसमे यंहा मौजूद कई महिला एवं पुरूष पुलिसकर्मियो के साथ ही पत्रकारों एवं राहगीरों ने आर्थिक रूप से मदद की है. पैसा कम पड़ेगा तो इन छात्रों के लिए हमलोग सड़क पर भिक्षाटन भी करेंगे. क्योंकि ये छात्र ही हमारे देश का सुनहरा भविष्य है.
क्या कहते है अधिकारी
वही वाहन जांच के दौरान वँहा मौजूद डुमराव अनुमण्डल के एसडीपीओ अफाख अख्तर अंसारी से जब पत्रकार ने फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि, जुर्माना जिला परिवहन पदाधिकारी के द्वारा लगाया गया था. कानून के अंतर्गत ही यह जुर्माना लगाया गया है. वाहन चालक के पास न तो वाहन की कोई कागजात था और न ही हेलमेट और लाइसेंस.
गौरतलब है कि छात्रो के प्रति जिला परिवहन पदाधिकारी ऐसा बर्ताव देखकर स्थानीय लोगो में नाराजगी है. वँहा मौजूद स्थानीय लोगो ने कहा दबंगो और माफियाओ के सामने ये जिला प्रशासन के अधिकारी घुटना टेक देते है. हिम्मत है तो रात्रि में इसी सड़क सारे अवैध कारोबार यंहा के माफिया करते है, उनपर कार्रवाई करके तो दिखाए उस समय घर मे दुबक जाते है.

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