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धार्मिक आधार पर नागरिकता कानून के खिलाफ भाकपा माले का प्रदर्शन

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जनमित्र/डुमरांव/बक्सर:  भाकपा-माले के कार्यकर्ताओं व नेताओं ने सीएए व एनआरसी की वापसी की मांग पर वाम दलों द्वारा आहूत बिहार बंद को ऐतिहाकिस बनाने के लिए बिहार की जनता को बधाई दी है. साथ ही, नेताओं ने उन तमाम राजनीतिक पार्टियांे, संगठनों तथा लोकतंत्र में यकीन रखने वाले लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है, जिन्होंने आज के बिहार बंद का समर्थन किया.


बन्द को संबोधित करते हुए माले नेता नीरज कुमार ने कहा कि आज नावानगर, बक्सर सहित राज्य के सुदूर इलाकों में बदं का व्याकप असर देखा गया. इससे साफ जाहिर होता है कि देश की आम जनता मोदी-अमित शाह के इस फरमान को मानने के लिए तैयार नहीं है. आने वाले दिनों में हम और जोरदार तरीके से लड़ाई संगठित करेंगे ताकि इस फासीवादी सरकार को सबक सिखाया जा सके. आज का दिन साझी

शहादत-साझी विरातस की परंपरा को बुलंद करने का दिन है. रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, रोशन सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपने को हम धूमिल नहीं होने देंगे. आज पूरे देश में संविधान व लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई छिड़ चुकी है. भाजपा व मोदी सरकार को झुकना ही होगा.
मड़ियाँ पंचायत के पूर्व मुखिया और किसान महासभा के जिला अध्यक्ष रामदेव सिंह ने कहा कि 8 जनवरी को देश भर में मजदूर संगठनों की ओर से राष्ट्रव्यापी हड़ताल होने वाली है. हम उस हड़ताल का पूरी तरह से समर्थन करते हैं और इसमें

भी सीएए व एनआसी के मुद्दे को गंभीरता से उठाया जाएगा.
बन्द में केसठ प्रभारी ललन प्रसाद, हरेन्द्र राम, सुरेश प्रसाद, अरमान अंसारी, कमला देवी, श्यामबिहारी सिंह, धनजी पासवान सहित सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.

 

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