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पर्यावरण संकट से मुक्ति का सबसे सशक्त माध्यम है वृक्षारोपण

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर। मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन तथा सावित खिदमत फाउंडेशन के संयुक्त अभियान के अंतर्गत दस लाख पौधे लगाने की योजना के सिलसिले में आज इजरी सीलराम में एक बार फिर वृक्षारोपण का आयोजन किया गया। इस दौरान आम, महोगनी और अशोक समेत लगभग सत्रह पौधे लगाए गए।

इस मौके पर संगठन के बिहार प्रदेश महासचिव डॉ दिलशाद आलम, प्रियेश कुमार यादव, राहुल कुमार, रवि कुमार, सोहन यादव, मृत्युंजय यादव, सुभाष मिश्रा के साथ स्थानीय निवासी और पर्यावरण प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। सभी ने पौधे रोपे और उनकी निरंतर देखभाल का संकल्प व्यक्त किया।

डॉ दिलशाद आलम ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। बेमौसम वर्षा, विनाशकारी बाढ़, तूफान, अत्यधिक गर्मी और हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियरों के तेज पिघलने जैसी घटनाएं प्रकृति की चेतावनी हैं। नेपाल सहित हिमालयी क्षेत्रों में आई हाल की आपदाओं से हमें सबक लेना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं। उसे पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना आवश्यक है। पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाना होगा। आज लगाए गए पौधे भावी पीढ़ियों को शुद्ध हवा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करेंगे।

डॉ आलम ने आगे बताया कि दस लाख पौधे लगाने का यह अभियान निरंतर चलेगा। आने वाले दिनों में बक्सर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर रोपण होगा और इसे पूरे बिहार तक विस्तारित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने युवाओं, सामाजिक संगठनों, विद्यालयों और आम नागरिकों से अपील की कि वे इस मुहिम से जुड़ें तथा प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी ले।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पेड़ लगाएं जीवन बचाएं, हरियाली बढ़ाएं भविष्य बचाएं का संदेश दोहराते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

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