द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले के डुमरांव शहर में राष्ट्रीय राजमार्ग-120 की जर्जर हालत के विरोध में सामाजिक संस्था ‘स्वयं शक्ति’ द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन का असर दिखा है। छह दिनों की हड़ताल और दो दिनों की भूख हड़ताल के बाद मंगलवार को प्रशासन हरकत में आया। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता के बाद शहर में भारी वाहनों, विशेषकर ट्रकों और ट्रेलरों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। एसडीएम राजीव कुमार ने इस संबंध में आठ-सूत्री आदेश जारी किए।

आदेश जारी करने से पहले एसडीएम राजीव कुमार, एएसपी पोलस्त कुमार, नगर परिषद के ईओ राहुल धर दुबे और थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा सहित कई अधिकारी धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से विस्तृत वार्ता की। प्रशासन के अनुसार, डुमरांव नगर क्षेत्र में एनएच-120 की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। हाल ही में दो ट्रक गड्ढों में फंसे पाए गए थे और एक सवारी टोटो पलटने की घटना भी सामने आई थी। इसी स्थिति को देखते हुए डुमरांव बाजार से पुराने भोजपुर तक बालू-गिट्टी लदे ट्रकों सहित भारी वाहनों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह आदेश 26 अगस्त 2026 से प्रभावी होगा और अगली सूचना तक लागू रहेगा।
आवश्यक सेवाओं से जुड़े छोटे वाहन, स्कूल बसें और एम्बुलेंस को छूट दी गई है। अन्य आवश्यक सेवा के छह चक्का से ऊपर के वाहनों को रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सीमित समय में आवागमन की अनुमति है। एसडीएम ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि एनएच-120 के निर्माण के लिए पूर्व में जारी निविदा में तकनीकी खामी पाए जाने के कारण उसे निरस्त कर दिया गया है। एक-दो दिनों के भीतर नई निविदा जारी की जाएगी। सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 18.89 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। एसडीएम ने री-टेंडरिंग से जुड़े दस्तावेज भी दिखाए और प्रक्रिया पारदर्शी रखने का भरोसा दिलाया। ‘स्वयं शक्ति’ के सदस्यों ने इस फैसले का स्वागत किया, हालांकि खबर लिखे जाने तक आंदोलन जारी रहा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच भाकपा-माले के जिला कार्यालय में आयोजित बैठक में पार्टी के जिला सचिव नवीन कुमार, डुमरांव सचिव धर्मेन्द्र सिंह, नगर सचिव कृष्णा राम, सफाईकर्मी संगठन के सचिव शंकर तिवारी, नगर कमिटी नेता भगवान दास और सर्वेश पाण्डेय समेत अन्य नेताओं ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि डुमरांव की मुख्य सड़क एनएच-120 अब दुर्घटनाओं का अड्डा बन गई है। रोजाना बाइक और ई-रिक्शा सवार गिर रहे हैं। हाल ही में सीमेंट भरी ट्राली पलटने से बाजार में भारी जाम लग गया था। पार्टी ने सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग दोहराई।
भाकपा-माले ने डुमरांव के राजगढ़ चौक पर तीन दिनों से जारी भूख हड़ताल का भी समर्थन किया। बिहार राज्य कमिटी सदस्य और डुमरांव प्रखंड सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने हड़ताल पर बैठे लोगों से मुलाकात कर कहा कि सरकार और प्रशासन संवेदनहीन हो चुके हैं। रोज हजारों छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग और महिलाएं इसी रास्ते से गुजरते हैं। उनका आना-जाना दूभर हो गया है। आंदोलनकारियों की मांग जायज है और पार्टी उनके साथ खड़ी है। प्रशासन को जल्द गंभीर वार्ता कर सड़क सुधारने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
बैठक में डुमरांव, सिमरी, चक्की, केसठ, नवानगर, प्रतापसागर और इटाढ़ी समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी चिंता जताई गई। सामान्य से कम बारिश के कारण किसानों पर सूखे की मार और खाद की आपूर्ति न होने की समस्या पर भी ध्यान दिलाया गया। पार्टी ने पूरे बक्सर जिले को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करने और किसानों को राहत पहुंचाने की मांग की। गंगा में पानी बढ़ने से कटाव प्रभावित गांवों के लिए भी ठोस पहल की मांग की गई।

Comment here