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गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु पर पहुंचा, तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर में शनिवार को गंगा नदी का पानी तेजी से ऊपर चढ़ा और चेतावनी स्तर तक पहुंच गया। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक नदी का स्तर करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा है। फिलहाल जलस्तर 59.32 मीटर दर्ज किया गया है, जो यहां का चेतावनी बिंदु माना जाता है। खतरे का निशान 60.32 मीटर तय है।

चेतावनी बिंदु छूने के बाद तटीय व दियारा क्षेत्रों के निवासियों में बेचैनी बढ़ गई है। रामरेखा घाट पर इसका सीधा असर दिख रहा है, जहां पानी विवाह मंडप तक पहुंच चुका है। इससे आसपास के लोगों में डर का माहौल बन गया है। चौसा, चक्की, सिमरी, बक्सर और ब्रह्मपुर प्रखंड के किनारे बसे गांवों के ग्रामीण भी नदी के बढ़ते स्तर को लेकर चिंतित हैं।

इन इलाकों के कई गांव हर साल बाढ़ और कटाव की मार झेलते हैं। लगातार ऊपर चढ़ता पानी उनकी चिंता और बढ़ा रहा है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो आगे बाढ़ व कटाव का खतरा और गहरा सकता है। दियारा क्षेत्र के लोग अपने मकान, खेत और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर खासतौर पर परेशान हैं और नदी के स्तर पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी साहिला शनिवार को रामरेखा घाट पहुंचीं और बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को संभावित बाढ़ व कटाव से निपटने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। साथ ही लोगों से अपील की कि वे नदी से दूर रहें और घाटों पर बिना जरूरत न जाएं।

जिलाधिकारी ने बताया कि अभी पानी खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि स्तर बढ़ रहा है, लेकिन प्रयागराज में गंगा के जलस्तर में हल्की गिरावट की खबर है। इससे उम्मीद जगी है कि बक्सर में भी आगे जलस्तर घट सकता है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

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