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डुमरांव में चौबीस घंटे का सामूहिक अनशन समाप्त

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में खेग्रामस संगठन की ओर से चलाया गया चौबीस घंटे का सामूहिक अनशन-सत्याग्रह शुक्रवार को पूरा हो गया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या से शुरू हुए इस आंदोलन में महादलित समुदाय, भूमिहीन गरीब परिवारों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, छात्र और युवा शामिल हुए थे।

पूर्व विधायक एवं आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत कुमार सिंह ने अनशन का समापन कराया। उन्होंने खेग्रामस के जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान, जिला उपाध्यक्ष ललन राम, माले के युवा नेता सर्वेश कुमार पांडेय, धनई राम, शिवजी राम और शंकर राम को मीठा रस पिलाकर सत्याग्रह समाप्त करने की घोषणा की। इससे पहले ललन राम और सर्वेश कुमार पांडेय ने आंदोलनकारियों को संबोधित किया।

इस मौके पर अजीत कुमार सिंह ने भाजपा-जदयू सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार रोजगारविहीन विकास का दावा तो करती है, लेकिन हकीकत कुछ और है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े पुल और राजमार्ग तो बन रहे हैं, मगर बिहार के शहरों और गांवों को जोड़ने वाली अहम सड़कें बदहाल हालत में पड़ी हुई हैं। सिंह ने डुमरांव की मुख्य सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग-120 की तुरंत मरम्मत और निर्माण की मांग की।

भूमिहीन परिवारों के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार और प्रशासन को विफल बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने साल बीत जाने के बाद भी गरीब परिवारों को उनकी बसी हुई जमीन का बासगीत पर्चा नहीं मिला है। उन्होंने भूमिहीन गरीब परिवारों को पांच-पांच डिसमिल जमीन और आवास उपलब्ध कराने की मांग रखी। बलहा और तेतरी गांव में लंबे समय से बसे मुसहर व महादलित परिवारों को पीपीएच एक्ट 1947 के तहत जमीन का पर्चा देने की भी मांग की गई।

सिंह ने डंडारी अंचल प्रशासन पर आरोप लगाया कि बलहा में अदालत के आदेश के बावजूद पर्चाधारियों को जमीन का कब्जा नहीं दिलाया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने ग्रामीण गरीबों को रोजगार और उचित मजदूरी, प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व सम्मान की गारंटी तथा गरीबों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने की मांग भी की। सरकारी स्कूलों को नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विकसित करने और गरीबों से पानी, सफाई व होल्डिंग टैक्स की वसूली बंद करने की मांग भी उठाई गई।

माइक्रोफाइनेंस और बैंक कर्ज से परेशान महिलाओं का कर्ज माफ करने, बकाया बिजली बिल माफ करने तथा महंगाई पर अंकुश लगाने की भी मांग की गई। अपराध, हत्या, बलात्कार, लूट और हिंसा पर काबू पाने तथा प्रखंड कार्यालय में कथित मनमानी व भ्रष्टाचार रोकने की मांग भी आंदोलनकारियों ने रखी।

इस अवसर पर भगवान दास, जाबिर कुरैशी, ऊषा देवी, राजा अंसारी, राधेश्याम शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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