द जनमित्र डेस्क
सावन माह शुरू होते ही रामरेखा घाट पर भगवान शिव के भक्तों की भीड़ बढ़ने वाली है। रविवार से बड़ी संख्या में कांवरियों के गंगा जल लेने आने की संभावना को देखते हुए नगर परिषद ने शनिवार को रामरेखा घाट जाने वाले रास्ते पर अतिक्रमण हटाने का विशेष अभियान चलाया।

इस दौरान सड़क किनारे लगे अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए, ताकि श्रद्धालु आसानी से आ-जा सकें। नगर परिषद की टीम ने घाट परिसर का निरीक्षण किया और साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया। घाट की सीढ़ियों और आसपास के इलाके की सफाई कराई गई, जिससे गंगा स्नान और जल भरने आने वाले भक्तों को कोई दिक्कत न हो।
घाट पर मौजूद पंडा समाज से भी सीढ़ियों पर रखी चौकियों को हटाने का अनुरोध किया गया, ताकि रास्ता पूरी तरह खुला रहे। नगर परिषद के सिटी मैनेजर ने बताया कि सावन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साफ कहा कि अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई। पांच दिन पहले से ही दुकानदारों को माइकिंग और व्यक्तिगत सूचना देकर अपनी दुकानें रास्ते से हटाने को कहा गया था।
इसी तरह पंडा समाज से भी घाट की सीढ़ियों पर रखी चौकियों को हटाने के लिए पहले ही आग्रह किया गया था। सिटी मैनेजर के अनुसार पूर्व सूचना के बावजूद जहां अतिक्रमण नहीं हटाया गया था, वहां शनिवार को नगर परिषद की टीम ने अभियान चलाकर रास्ता खाली कराया।
प्रशासन का मुख्य मकसद किसी के रोजगार को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है। नगर परिषद ने बताया कि पूरे सावन माह में रामरेखा घाट पर नियमित सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन पर खास नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सफाईकर्मियों की भी तैनाती की जाएगी। प्रशासन ने दुकानदारों और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की है, ताकि सबके साथ मिलकर श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।

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