द जनमित्र डेस्क
इटाढ़ी थाना क्षेत्र के इंदौर गांव के प्रसिद्ध विद्वान और विज्ञान विशेषज्ञ स्वर्गीय रामकृष्ण सिंह (उर्फ बीएससी मास्टर) की स्मृति में उनके आवास पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा में स्थानीय समाज के विभिन्न तबकों से जुड़े सैकड़ों लोग पहुंचे और उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया।
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि रामकृष्ण सिंह उनके गुरु थे। विद्यार्थी जीवन से लेकर आज तक उनके मार्गदर्शन और आशीर्वाद मिलता रहा। उनके जाने से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने बताया कि उनके शिष्य देश के विभिन्न उच्च पदों पर पहुंचे हैं, इसलिए उनकी कमी समाज को लंबे समय तक महसूस होती रहेगी।

इस दौरान इंदौर पंचायत के पूर्व पैक्स अध्यक्ष विनोद चौबे और पूर्व मुखिया भगवान चौधरी समेत कई गणमान्य नागरिकों ने स्वर्गीय सिंह के 1970 के दशक के अद्भुत कार्यों को याद किया। खासतौर पर घर पर ही तीन किलोमीटर रेंज वाला रेडियो स्टेशन बनाने की उनकी उपलब्धि की चर्चा हुई, जिसके प्रसारण उस क्षेत्र के सभी रेडियो सेटों पर सुनाई देने लगते थे। साथ ही मात्र दो स्पीकर और दो स्विच से 500 मीटर रेंज का वायरलेस सिस्टम तैयार करने जैसी तकनीकी कुशलता और गणित में उनकी माहिरता के कई रोचक किस्से भी सुनाए गए।
सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि रामकृष्ण सिंह न सिर्फ एक विद्वान शिक्षक थे, बल्कि बेहद शांत, सौम्य, शालीन और अनुशासित व्यक्तित्व के धनी थे। समाज ने एक बेहतरीन इंसान खो दिया है।
सभा में पहुंचे समाजसेवी राजेश यादव और युवा जद(यू) प्रदेश महासचिव आजाद सिंह राठौर ने भी पुष्प अर्पित किए और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। देर रात तक लोग लगातार आते रहे और स्वर्गीय सिंह के गुणों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि देते रहे।
स्वर्गीय रामकृष्ण सिंह धनसोई उच्च विद्यालय और कैथना उच्च विद्यालय में प्रधानाचार्य रह चुके थे। बाद में कैमूर जिले के अखलासपुर उच्च विद्यालय से प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हुए। लंबी बीमारी के बाद 88 वर्ष की आयु में 18 जून 2026 को दोपहर करीब डेढ़ बजे दिल्ली के बेस अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन पर पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। उन्होंने अपनी पत्नी, तीन पुत्रों और सात पोते-पोतियों का परिवार छोड़ा है।

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