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डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल के प्रभारी प्रबंधक सस्पेंड

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द जनमित्र डेस्क

डुमरांव अनुमंडलीय अस्पताल में नवजात बच्चों के इलाज में लापरवाही के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिला पदाधिकारी के आदेश पर अनुमंडल पदाधिकारी ने अस्पताल का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की बिजली व्यवस्था और ऑक्सीजन सप्लाई में आई गंभीर खामी उजागर हुई।

अस्पताल अधिकारियों और मौजूद विद्युत मिस्त्री ने बताया कि ट्रांसफार्मर में खराबी के कारण पूरे अस्पताल की बिजली चली गई थी। जेनरेटर चलाने पर भी लोड ज्यादा होने से बिजली बहाल नहीं हो पा रही थी। इसके बाद जब सीधा कनेक्शन दिया गया तो तार में फॉल्ट आ गया, जिससे बीच का तार जल गया। नतीजतन MNCU (नवजात शिशु देखभाल इकाई) में बिजली और ऑक्सीजन सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई।

इस दौरान MNCU में भर्ती एक नवजात शिशु की हालत बिगड़ने लगी। ऑक्सीजन न मिलने से बच्चे को सांस लेने में तेज दिक्कत होने लगी। चिकित्सकों ने तुरंत समझदारी दिखाते हुए आपात स्थिति में बच्चे को इकाई से बाहर निकाला और उसकी जान बचाने के लिए त्वरित इलाज शुरू किया। बाद में बिजली व्यवस्था सामान्य होने पर बच्चे को फिर से MNCU में शिफ्ट कर उसकी देखभाल शुरू की गई।

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक डुमरांव (जो वर्तमान में प्रभारी अस्पताल प्रबंधक भी थे) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रभारी उपाधीक्षक स्वास्थ्य के खिलाफ प्रपत्र-क गठित किया गया है। जिला परियोजना प्रबंधक (स्वास्थ्य) और सिविल सर्जन से भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।

घटना को लेकर थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई है। इस पूरे प्रकरण ने अस्पताल प्रबंधन की तैयारियों, खासकर आपातकालीन स्थितियों में बिजली-ऑक्सीजन बैकअप की अनुपस्थिति को लेकर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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