द जनमित्र डेस्क
बिहार सरकार के पथ निर्माण विभाग ने बक्सर जिले में सड़क सुविधाओं को बेहतर और टिकाऊ बनाने के लिए महत्वाकांक्षी पहल की है।
रोड प्रमंडल बक्सर के कार्यपालक अभियंता कार्यालय ने जिले की 43 प्रमुख सड़कों के नवीनीकरण और रखरखाव के लिए सात वर्षीय विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इस दीर्घकालिक परियोजना के तहत दो बड़े पैकेजों- 36ए और 36बी में दर्जनों मुख्य मार्गों, लिंक रोड, बाईपास और जिला मार्गों को पूरी तरह नया रूप दिया जाएगा।

कुल 226.24 करोड़ रुपये की लागत
अधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 22,624.03 लाख रुपये यानी 226.24 करोड़ रुपये तय की गई है।
इस योजना की खासियत यह है कि पारंपरिक छोटे अनुबंधों के बजाय इसे पूरे 84 महीनों यानी सात साल की लंबी अवधि के लिए तैयार किया गया है। इससे सड़कें बनने के बाद लंबे समय तक खराब न हों, गड्ढामुक्त रहें और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता बनाए रख सकें।
पहले पैकेज (36ए) में 25 अहम शहरी और ग्रामीण सड़कों को शामिल किया गया है, जिन पर करीब 11,295.15 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसमें स्टेशन-रामरेखा घाट रोड, सेंट्रल जेल अप्रोच रोड, नया बाजार रोड, बक्सर-इटढ़ी रोड (0 से 8.60 किमी), धनसोई-दिनारा रोड, ब्रह्मपुर-कोरण सराय रोड के विभिन्न हिस्से, न्यू और ओल्ड बाईपास, भोजपुर-सिमरी रोड तथा इंजीनियरिंग कॉलेज जाने वाली कनेक्टिविटी रोड जैसी व्यस्त और जरूरी सड़कें शामिल हैं।
इन मार्गों के मजबूत होने से बक्सर शहर के अंदरूनी यातायात को बड़ी राहत मिलेगी और स्कूल-कॉलेजों तथा धार्मिक स्थानों तक पहुंच आसान हो जाएगी।
दूसरे पैकेज (36बी) के अंतर्गत 16 महत्वपूर्ण जिला और राज्य उच्च मार्गों को चुना गया है। इसकी अनुमानित लागत 11,328.88 लाख रुपये है।
इसमें दिनारा (एनएच-30) से जलहरा (एसएच-17) तक का मार्ग, चौसा गोला-बक्सर रोड (एसएच-13), परसथुआ बाजार से महावीर स्थान रोड, चौसा-धनसोई रोड, सरेंजा से कोरानसराय मार्ग और उत्तर प्रदेश सीमा पर देवल घाट एचएल पुल का संपर्क पथ प्रमुख रूप से शामिल हैं।
यह परियोजना बक्सर जिले की सड़क व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो स्थानीय लोगों के लिए बेहतर यातायात सुविधा और आर्थिक विकास दोनों सुनिश्चित करेगी।


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