द जनमित्र डेस्क
मंगलवार का दिन बक्सर वासियों और राहगीरों के लिए भारी फजीहत लेकर आया। शहर से लेकर पटना-बक्सर फोरलेन तक वाहनों का ऐसा रेला लगा कि पूरी परिवहन व्यवस्था हांफने लगी। वीर कुंवर सिंह पुल से होकर उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाली गाड़ियों की चाल कछुए जैसी हो गई। क्या मोटरसाइकिल और क्या भारी-भरकम ट्रक, हर कोई इस भीषण जाम का शिकार हुआ, जिसके चलते हाईवे सहित शहरी मार्गों पर भी आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ गई।
सूत्रों की मानें तो एनएच-922 पर गोलंबर चौक से लेकर दलसागर तक करीब आठ किलोमीटर लंबा वाहनों का हुजूम देखने को मिला। आलम यह था कि सड़क पर ट्रकों और बड़े मालवाहक वाहनों ने तीन-तीन कतारें लगा रखी थीं। बालू ढोने वाले भारी ट्रेलरों की बहुतायत ने इस सड़क संकट को और भी विकराल रूप दे दिया, जिससे मुसाफिर कई घंटों तक एक ही जगह पर कैद रहने को मजबूर हो गए।

इस अघोषित बंदी से बचने की छटपटाहट में लोग धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए। जल्दी निकलने की होड़ में कई चालकों ने उल्टी दिशा में गाड़ियां दौड़ानी शुरू कर दीं, जिससे हादसों का खतरा कई गुना बढ़ गया। वहीं, ई-रिक्शा और तिपहिया वाहन चालक समय बचाने के चक्कर में डिवाइडर फांदकर दूसरी लेन में घुसपैठ करते दिखे। गोलंबर और इसके इर्द-गिर्द के क्षेत्रों में ट्रैफिक कायदों का खुलेआम मखौल उड़ाया गया।
यह महाजाम सिर्फ व्यावसायिक वाहनों या आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी काल साबित हुआ। मरीजों को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस और सवारियों से भरी गाड़ियां भी इस चक्रव्यूह में बुरी तरह फंसी रहीं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर पड़ा। इसका प्रभाव चौसा व अन्य संपर्क मार्गों से आने वाले यातायात पर भी दिखा, जहां गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। बड़े वाहनों के चालकों के बीच आगे निकलने की अंधाधुंध खींचतान ने हालात को और बेकाबू कर दिया।
रोज-रोज की इस परेशानी से आक्रोशित स्थानीय नागरिकों ने अब जिला प्रशासन और यातायात महकमे की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि वीर कुंवर सिंह सेतु यूपी जाने का सबसे अहम और व्यस्त रास्ता है, फिर भी यहां ट्रैफिक नियंत्रण की कोई ठोस योजना जमीन पर नहीं दिखती। क्षेत्रीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस जानलेवा जाम का कोई स्थायी विकल्प नहीं खोजा गया और व्यवस्था को सुदृढ़ नहीं किया गया, तो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला नहीं जा सकेगा।


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