द जनमित्र डेस्क
लंबे इंतजार के बाद जिले के लोगों को बड़ी राहत मिली है। इटाढ़ी और चौसा में बने नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और इन पुलों पर यातायात सुचारू रूप से शुरू हो गया है। साथ ही, वर्षों से क्षेत्रवासियों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा रहे इटाढ़ी और चौसा-कोचस रेलवे फाटक अब स्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं।
रेलवे प्रशासन ने दोनों फाटकों पर घेराबंदी का काम शुरू कर दिया है। आज से इन क्रॉसिंगों पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाएगी। फाटक पर लगाए गए नोटिस में साफ लिखा है कि एलसी नंबर 70 इटाढ़ी गुमटी 31 मई 2026 से हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। लोगों से अपील की गई है कि वे ऊपर बने नए पुल का ही इस्तेमाल करें।

रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के प्रभारी निरीक्षक कुंदन कुमार ने बताया, “रेलवे ओवरब्रिज बनाने का मुख्य मकसद सड़क और रेल यातायात के बीच सीधा संपर्क खत्म करना है। सुरक्षा मानकों के मुताबिक, जब ओवरब्रिज तैयार हो जाता है तो लेवल क्रॉसिंग को जारी रखना उचित नहीं होता। इसी वजह से इन दोनों फाटकों को स्थायी रूप से बंद किया जा रहा है।”
इन फाटकों पर ट्रेन गुजरते ही घंटों जाम लगना आम बात थी। स्कूली बच्चे, ऑफिस जाने वाले लोग और व्यापारी रोजाना इस उलझन का शिकार होते थे। कई मौकों पर एंबुलेंस और दमकल जैसी आपात सेवाएं भी फंस जाती थीं, जिससे जान-माल का खतरा बढ़ जाता था।
नए ओवरब्रिज के चालू हो जाने से अब वाहन चालक बिना किसी रुकावट के दोनों तरफ आ-जा सकेंगे। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन रोड समेत आसपास के इलाकों में यातायात का बोझ कम होने से पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होने वाली है।
हालांकि यह बदलाव केवल सुविधा तक सीमित नहीं है। इटाढ़ी और चौसा के पुराने रेलवे फाटकों से कई पीढ़ियों की यादें जुड़ी हुई हैं। इन फाटकों ने दशकों तक बक्सर की आम जिंदगी को आकार दिया। अब इनके बंद होने को जिले में एक युग के समाप्त होने के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ लोग आधुनिक ओवरब्रिज की शुरुआत पर खुशी जता रहे हैं तो दूसरी तरफ पुरानी यादों को लेकर भी भावुक हो रहे हैं।


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