द जनमित्र डेस्क
बक्सर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिया गंगा घाट पर शुक्रवार दोपहर गंगा स्नान के दौरान एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। दो बच्चों के गहरे पानी में फंस जाने से एक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा बच्चा अब तक लापता है। स्थानीय लोगों और नाविकों के प्रयास से एक बच्चे को निकाला गया, लेकिन उसकी जान बचाई नहीं जा सकी।
जानकारों के मुताबिक, अहिरौली गांव के रहने वाले मनोज कुमार सिंह अपने पिता के दशकर्म के लिए पूजा-अर्चना के सिलसिले में परिवार के साथ पुलिया घाट पर पहुंचे थे। इसी दौरान मनोज के 7 वर्षीय बेटे मुकुल कुमार सिंह और उनकी बहन के 13 वर्षीय बेटे छोटू सिंह गंगा में नहाने चले गए।

स्नान के दौरान अचानक मुकुल गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए छोटू भी पानी में कूद पड़ा। गंगा की तेज धारा और गहरी खाई ने दोनों बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। दोनों संतुलन खोकर पानी में गायब हो गए।
घाट पर मौजूद स्थानीय निवासियों और नाविकों ने तुरंत मुहिम छेड़ दी। उन्होंने पानी में छलांग लगाकर बच्चों को ढूंढा। काफी संघर्ष के बाद मुकुल को बाहर निकाला गया। परिजनों ने उसे तुरंत बक्सर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर, छोटू सिंह अभी भी गंगा की गोद में लापता है। घटना की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों और नाविकों की मदद से लापता बच्चे की तलाश का अभियान तेज कर दिया गया है, लेकिन शाम तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। मृतक बच्चे के घर पर मातम का माहौल है, जहां परिजन फूट-फूटकर रो रहे हैं। आसपास के गांवों में भी शोक की लहर दौड़ गई है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंगा घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम बेहद नाकाफी हैं। उन्होंने चेतावनी वाले बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने और स्थायी गोताखोरों की तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लापता बच्चे को ढूंढने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


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