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ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ दवा दुकानें रही बंद

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द जनमित्र डेस्क

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से दवाओं की बिक्री का विरोध करते हुए आल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया। इस बंद का बक्सर जिले में काफी असर देखने को मिला, जहां शहर हो या देहात, ज्यादातर मेडिकल स्टोर सुबह से ही बंद रहे।

हालांकि मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने पहले से तैयारी कर रखी थी। आपातकालीन मरीजों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कुछ चुनिंदा दवा की दुकानों को खुला रखने की अनुमति दे दी गई थी।

औषधि नियंत्रण प्रशासन ने बंद से पहले ही सतर्कता बरती थी। औषधि निरीक्षक मनोज कुमार दास और अजय कुमार रसिक ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3 के तहत विभिन्न मेडिकल दुकानों को संचालन की अनुमति देते हुए सख्त निर्देश जारी किए। प्रशासन का साफ निर्देश था कि इमरजेंसी में किसी भी मरीज को दवा की कमी नहीं होनी चाहिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में डुमरांव, कृष्णाब्रह्म, तियरा, बन्नी, धनसोई, सिमरी, ब्रह्मपुर, नावानगर, सोनवर्षा, रघुनाथपुर, चौसा, भलुहा और कोरानसराय समेत कई जगहों पर चयनित मेडिकल स्टोर खुल सके। शहर में सदर अस्पताल, पीपी रोड, धोबीघाट, गोलंबर और स्टेशन रोड क्षेत्र की कुछ दुकानों को भी खोलने की इजाजत दी गई। जन औषधि केंद्रों ने भी मरीजों को राहत पहुंचाई।

दिनभर मेडिकल बाजारों में सन्नाटा छाया रहा। सामान्य दिनों की चहल-पहल गायब रही। कई लोग दवा लेने पहुंचे लेकिन बंद दुकानों को देखकर लौट गए। फिर भी सूची में शामिल दुकानों के खुले रहने से गंभीर रूप से बीमार लोगों और अस्पताल जाने वालों को थोड़ी सुविधा मिली।

**क्यों किया गया बंद?**
स्थानीय दवा विक्रेता मनोज सिंह ने बताया कि यह बंद पूरी तरह ऑनलाइन दवा विक्रय के विरोध में रखा गया था। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर दवाएं बेच रही हैं, जिससे छोटे दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। साथ ही बिना सही जांच के दवा सप्लाई किए जाने से नकली व अवैध दवाओं का खतरा भी बढ़ गया है।

दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा कारोबार पर कड़े नियम-कानून बनाए जाएं। उनका आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन की उचित जांच किए बिना ही दवाएं पहुंचा देते हैं, जो मरीजों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

जिला प्रशासन ने पूरे दिन निगरानी रखी और स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी हाल में बाधित नहीं होने दी जाएंगी। जरूरतमंदों तक दवा पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की गई थी।

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