अपराध

पुरानी रंजिश का खूनी खेल: रसेन गांव में ताबड़तोड़ फायरिंग, एक की मौत

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द जनमित्र डेस्क

जिले में पुरानी रंजिश ने फिर खूनी रंग दिखाया। राजपुर थाना क्षेत्र के रसेन गांव के पास सोमवार रात अंधाधुंध फायरिंग में मोहनपुर गांव निवासी रामकांत पाठक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके रिश्तेदार विजय शंकर चौबे गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना में करीब 10 राउंड फायरिंग हुई, मौके से 8 खाली कारतूस और 2 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

घायल विजय शंकर चौबे को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है और दो लोगों को हिरासत में लिया है।

घायल विजय शंकर चौबे ने पुलिस को बयान दिया कि मृतक रामकांत पाठक उनके रिश्तेदार थे और रसेन गांव आए हुए थे। सोमवार शाम दोनों खेत की ओर टहलने जा रहे थे, तभी नहर के पास पहले से घात लगाए करीब छह लोग पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। भागने की कोशिश में विजय शंकर के पैर में गोली लगी, जबकि हमलावरों ने रामकांत पाठक पर कई राउंड फायर किए, जिससे उनकी मौके पर मौत हो गई।

चौबे ने हमलावरों की पहचान अजीत यादव, गुड्डू सिंह, सोनू सिंह, मुन्ना सिंह, श्री सिंह, सिकंदर सिंह और अमित सिंह के रूप में की। उनका आरोप है कि ये सभी सात महीने पहले हुए अहियापुर ट्रिपल मर्डर कांड के पीड़ित परिवार से जुड़े हैं।

यह वारदात पुरानी दुश्मनी से जुड़ी बताई जा रही है। विजय शंकर चौबे के अनुसार, 24 मई 2025 को अहियापुर गांव में बालू-गिट्टी के विवाद में हुए खूनी संघर्ष में एक ही परिवार के तीन चचेरे भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस घटना में दो अन्य लोग घायल हुए थे। मामले में पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष और उसके भाई समेत कई लोग जेल में हैं।

चौबे का दावा है कि उस कांड में उनके दामाद का ट्रक जब्त हुआ था, जिसे रिहा कराने के लिए वे कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे। इससे विरोधी पक्ष उनसे रंजिश रखने लगा और इसी बदले की भावना से यह हमला किया गया।

दूसरी तरफ, अहियापुर ट्रिपल मर्डर के पीड़ित परिवार के अजीत यादव ने वीडियो बयान जारी कर पूरे मामले को साजिश करार दिया। उन्होंने CBI जांच की मांग की और कहा कि 23 दिसंबर को सिविल कोर्ट में उनके केस की चार्जशीटिंग होने वाली है। उससे पहले केस को मैनेज करने के लिए दो करोड़ रुपये और 10 बीघा जमीन की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर रसेन में यह घटना कराई गई, ताकि उनके परिवार को फंसाया जा सके।

अजीत ने आरोप लगाया कि राजपुर थाना के SHO ने उनके घर से एक युवक को बिना बताए थाने ले गए और परिवार को मिलने नहीं दिया जा रहा।

पीड़ित परिवार के सुरक्षा गार्डों का वीडियो बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि घटना के समय पूरा परिवार घर पर अलाव ताप रहा था, जिससे वे आरोपों को खारिज कर रहे हैं।

मृतक रामकांत पाठक के भतीजे मंटू पाठक ने विजय शंकर चौबे पर साजिश कर हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि रामकांत अपनी बेटी के यहां कौवा खोच गए थे, जहां विजय चौबे का भी रिश्ता है। विजय उन्हें रसेन लेकर आए, लेकिन वापस जाने नहीं दिया। फोन कर बेटे को बुलाने वाले थे कि तभी गोली मार दी गई। मंटू का कहना है कि उनके चाचा की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

SP खुद जांच में जुटे, 6 पर नामजद FIR
मामले की गंभीरता देख बक्सर SP शुभम आर्य खुद जांच की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी पहलुओं की जांच हो रही है और जल्द अपराधियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा।

राजपुर थाना प्रभारी निवास कुमार ने बताया कि विजय शंकर चौबे के बयान पर छह लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की गई है। मृतक का पोस्टमॉर्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। एक गवाह के भाई को भी हिरासत में लिया गया है।

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