जनमित्र/बक्सर: ‘माँ’ यह वो अलौकिक शब्द है, जिसके स्मरण मात्र से ही रोम−रोम पुलकित हो उठता है, हृदय में भावनाओं का अनहद ज्वार स्वतः उमड़ पड़ता है और मनो मस्तिष्क स्मृतियों के अथाह समुद्र में डूब जाता है।मौका था स्वर्गीय प्रभावती देवी के प्रथम पुण्यतिथि का। सभी परिजनों और शुभचिंतकों द्वारा उनके तैल्य चित्र पर मालार्पण कर भावभीनी श्रधांजलि अर्पित की गई।

साथ ही उनके स्मृति में बने प्रभावती मेमोरियल सेवा संस्थान द्वारा जरूरतमंदों के बीच भोजन,वस्त्र और कंबल आदि का वितरण किया गया। उक्त अवसर पर संस्था के संयोजक राजेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि आज इनकी स्मृति शेष है पर इनकी मधुर स्मृति,स्नेह,आदर्श,मार्गदर्शन और आशीर्वाद सदैव प्रेरणादायक रहेंगी। मानव सेवा से बढ़कर कुछ भी नही, उनके

दिए संस्कार और प्रेरणा से निरंतर इस तरह के सामाजिक कार्य का निर्वहन संस्था करती रहेगी। इस अवसर पर राम सुरेश सिंह, विद्यासागर सिंह, राकेश राही, संतोष सर, दीपक,प्रमोद
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अग्रवाल,माइकल पांडेय, सुमन कुशवाहा, अल्बर्ट सर, अमन, परमजीत, रामजी सिंह, विमल कुमार, राहुल, रितेश, छोटू, पंकज, पीयूष, धनजी, अखिलेश, संदीप, साक्षी, आयांश आर्यन, अजीत, अमरेंद्र, राहुल, सम्राट, अनूप पटेल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।








