ग्राउंड रिपोर्टस्थानीय

आसिफ रजा ने कौमी एकता की मिसाल पेश की

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जनमित्र/बक्सर: देश में अभी लॉक डाउन चल रहा है. जिसमें कोई घर से डर के मारे नहीं निकल रहा है. इस समय में एक मुस्लिम युवक ने एक हिंदू अधिवक्ता की जान बचाने के लिए रक्तदान किया. यह खबर सुकून देने वाली है जहां एक तरफ देश में हर मुद्दे को हिंदू मुसलमान करके देखा जा रहा है वहीं बक्सर के इस युवक ने कौमी एकता की मिसाल पेश की. युवक को जैसे ही यह सूचना मिली कि बक्सर व्यवहार न्यायालय की एक महिला अधिवक्ता रीमा कुमारी जिनकी तबियत खराब होने के वजह से उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उन्हें 1 यूनिट ब्लड की जरूरत है. बक्सर के रहने वाले आसिफ रजा को इस बात की जानकारी हुई और उन्होंने तत्काल रोजा में होने के बावजूद भी रक्त का महादान किया. लॉक डाउन के दौरान घर से निकल कर

रेडक्रॉस के रक्त अधिकोष पहुँच कर उन्होंने उक्त महिला के लिए रक्तदान कर यह साबित कर दिया कि मानवता का धर्म सभी धर्मों से बढ़ कर है. आसिफ के इस पहल की हर कोई प्रशंसा कर रहा है लोगों का कहना है कि आशीष रोजा में होने के बावजूद भी रक्तदान कर एक मिसाल पेश की है हमें ऐसे युवाओं से सीख लेना चाहिए की हमें जरूरतमंदों की मदद करने के लिए हमेशा बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए आसिफ ने कहा कि देश के लोगों के लिए मेरा खून काम आए इससे बेहतर क्या हो सकता है.

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