राजकाज

एसपी के जनता दरबार में भूमि विवाद और पुलिस लापरवाही की शिकायतें प्रमुख

Spread the love

द जनमित्र डेस्क

बिहार के बक्सर जिले में मुफस्सिल थाने पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) शुभम आर्य ने जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान दर्जनों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनमें भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतें सबसे अधिक थीं। एक गंभीर मामले में अखौरीपुर गोला की रहने वाली पूनम देवी ने अपनी सास की मौत के मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिस पर एसपी ने जांच अधिकारी (आईओ) की खिंचाई की और लापरवाही स्वीकार करते हुए स्पष्टीकरण मांगा।

जनता दरबार में सबसे पहले सामूहिक समस्याओं पर चर्चा हुई। फरियादियों ने शराबबंदी कानून के बावजूद गांवों में शराब की आसानी से उपलब्धता पर सवाल उठाए। इसके अलावा चौसा नगर पंचायत क्षेत्र में अतिक्रमण की समस्या प्रमुखता से उठी। डॉ. मनोज कुमार यादव ने चौसा में सामूहिक शौचालय निर्माण स्थल पर अतिक्रमण का मुद्दा रखा। सीसीटीवी कैमरों के बंद पड़े होने की शिकायत पर अधिकारियों ने बताया कि तार बदलने का काम चल रहा है, लेकिन अखौरीपुर गोला पर ओवरब्रिज निर्माण के कारण केबल बिछाने में दिक्कत आ रही है।

कुछ फरियादियों ने नशे और नशीले पदार्थों की तस्करी में बढ़ोतरी की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि करीब 15 वर्ष पहले की तरह फिर से ऐसी स्थिति बन रही है, जिससे बच्चे प्रभावित हो रहे हैं। अखौरीपुर गोला चौक पर जाम की समस्या भी प्रमुखता से उठी। लोगों ने ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने, ऑटो चालकों को व्यवस्थित करने और अंधे मोड़ों पर साइड मिरर लगाने की मांग की।

जनता दरबार में भूमि विवाद के मामलों की भरमार रही। पूनम देवी ने विस्तार से अपनी शिकायत रखी। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में गली में कचरा फैलाने को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई थी, जिसमें वार्ड पार्षद छोटे लाला बीन सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में पार्षद की 65 वर्षीय मां रजनी देवी की हालत सबसे गंभीर थी। उन्हें पहले बक्सर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर बनारस ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। चार महीने आईसीयू में इलाज के बाद उनकी मौत हो गई।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जांच अधिकारी ने शुरू से लापरवाही बरती। घटना के 10 महीने बीतने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। पुलिस ने आरोपियों के घर पर कुर्की का इश्तहार चिपकाया था, लेकिन वे जमानत पर छूट गए। परिवार ने पुलिस पर पैसे लेकर मामले को गंभीरता से न लेने का भी आरोप लगाया। पूनम देवी ने जमानत पर छूटे आरोपियों से धमकी मिलने की भी शिकायत की।

इस पर एसपी शुभम आर्य ने संबंधित आईओ को कड़ी फटकार लगाई और बक्सर डीएसपी गौरव पांडेय को स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। एसपी ने जांच अधिकारी की लापरवाही को स्वीकार किया।

अन्य फरियादियों में मीरा देवी ने पट्टीदारों पर जबरन खेती करने, फसल काटने और धमकी देने का आरोप लगाया। राजनारायण वर्मा, पप्पू जायसवाल, महातीम सिंह यादव (सेवानिवृत्त बीएसएफ), रामलाल गुप्ता, बनारसी उपाध्याय, विजय कुमार जायसवाल सहित कई लोगों ने भूमि विवाद से जुड़े आवेदन दिए। पप्पू जायसवाल ने गेहूं की फसल रौंदकर खराब करने का मामला उठाया, जिस पर एसपी ने पुलिस को दोषियों को थाने बुलाकर जेल भेजने का निर्देश दिया।

अधिकांश भूमि विवाद मामलों के निपटारे के लिए एसपी ने अंचल अधिकारी को निर्देशित किया। जनता दरबार के अंत में एसपी शुभम आर्य ने सभी फरियादियों को भरोसा दिलाया कि हर मामले की निष्पक्ष जांच होगी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए।

Comment here