द जनमित्र | शशि
बक्सर जिले के केशोपुर गांव में एक बड़ी सनसनी फैल गई जब गांव के निकट करीब 15 फीट लंबा एक विशाल अजगर दिखाई दिया। अजगर की सूचना मिलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों में खासकर बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्याप्त हो गई।
सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचित किया। मौके पर पहुंचे प्रसिद्ध स्नेक रेस्क्यूअर हरिओम चौबे ने बड़ी मशक्कत और सतर्कता के साथ इस ताकतवर अजगर को सफलतापूर्वक काबू कर लिया। रेस्क्यू के दौरान अजगर की जबरदस्त ताकत के कारण टीम को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

बताया गया है कि इस अजगर का वजन 15 किलोग्राम से अधिक था और इसे बक्सर जिले में अब तक का सबसे लंबा सांप माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह अजगर इतना शक्तिशाली था कि वह आसानी से किसी कुत्ते, हिरण के बछड़े या अन्य छोटे जानवर को निगल सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी सूचना नहीं दी जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
अजगर की मौजूदगी से गांव में कई घंटों तक भय का माहौल बना रहा और लोग घरों से बाहर निकलने से कतराते रहे। रेस्क्यू के बाद हरिओम चौबे ने बताया कि अजगर दुनिया के सबसे लंबे और ताकतवर सांपों में से एक है, जिसकी लंबाई 30 फीट तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि बक्सर जिले के गंगा तटीय इलाकों में ऐसे अजगर देखे जाते हैं, लेकिन इतना बड़ा नमूना मिलना काफी दुर्लभ है।
हरिओम ने इस घटना को वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधि और उनके प्राकृतिक आवास में हो रहे बदलावों से भी जोड़ा।
रेस्क्यू अभियान सफल होने के बाद अजगर को सुरक्षित रूप से जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और स्नेक रेस्क्यू टीम के साहस तथा तत्परता की खुलकर सराहना की।
वन्यजीव विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि ऐसी घटनाओं में घबराने के बजाय तुरंत स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना दें। उनका कहना है कि सही समय पर सूचना मिलने से न केवल मानव जीवन सुरक्षित रहता है, बल्कि वन्यजीवों को भी अनावश्यक नुकसान से बचाया जा सकता है।


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