स्थानीय

बिना रजिस्ट्रेशन वाले निजी स्कूलों पर जल्द हो सकती है कार्रवाई

Spread the love

द जनमित्र डेस्क

जिले में बिना पंजीकरण वाले निजी विद्यालयों पर अब प्रशासन की तलवार लटक रही है। इन स्कूलों पर अधिकतम एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने के साथ-साथ निर्धारित समय सीमा के बाद प्रतिदिन 10 हजार रुपये की दर से वसूली की जाएगी।

डीपीओ (समग्र शिक्षा) नाजीश अली ने इस संबंध में जिले के सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को पत्र जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं।

आरटीई कानून का पालन अनिवार्य
पत्र में प्राथमिक शिक्षा निदेशक के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा गया है कि जिले के सभी निजी स्कूलों को आरटीई अधिनियम-2009 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करना होगा। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के बच्चों को प्रवेश देना जरूरी है। नियम के अनुसार कक्षा एक में कुल सीटों का 25 प्रतिशत हिस्सा गरीब बच्चों के लिए आरक्षित रखना होगा।

रजिस्ट्रेशन के बाद ही मान्यता
डीपीओ ने स्पष्ट किया कि आरटीई प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के बाद ही निजी स्कूलों का पंजीकरण माना जाएगा। जिले में कुल 258 निजी विद्यालय पहले से जिला शिक्षा कार्यालय में पंजीकृत हैं। शेष बिना रजिस्ट्रेशन वाले स्कूलों को 10 जून तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने का मौका दिया गया था।

चिन्हित स्कूलों पर होगी कानूनी कार्रवाई
नाजीश अली ने बीईओ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन वाले सभी स्कूलों की सूची तैयार कर उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Comment here