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डुमरांव नगर परिषद में होल्डिंग टैक्स में गड़बड़ी की आशंका

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द जनमित्र डेस्क

डुमरांव। नगर परिषद में होल्डिंग टैक्स के आकलन और वसूली को लेकर कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग जोर पकड़ रही है। सामाजिक मंच के संयोजक प्रदीप शरण ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2013 से 2026 तक नगर परिषद के चुने हुए जनप्रतिनिधियों, तैनात अधिकारियों तथा स्थायी व अस्थायी कर्मचारियों की निजी संपत्तियों पर लगे होल्डिंग टैक्स की गहन जांच कराने की अपील की है। ज्ञापन में संपत्तियों के असली क्षेत्रफल, अदा किए गए कर की राशि और वर्ष 2023 में दिए गए बकाया-मुक्त प्रमाणपत्रों की भी जांच मांगी गई है।

ज्ञापन में पुराने नगर क्षेत्र के वार्ड 17 से 35 तक 2013 से 2026 तथा विस्तारित क्षेत्र के वार्ड 1 से 16 तक 2021 से 2026 के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों के व्यक्तिगत व पारिवारिक स्वामित्व वाली संपत्तियों की पड़ताल कराने का अनुरोध किया गया है। इसमें स्थायी आवास, किराए के मकान और खाली भूखंडों का वास्तविक क्षेत्रफल वर्ग फीट में दर्ज कर उसी आधार पर निर्धारित होल्डिंग टैक्स की जांच करने की बात कही गई है।

सभी चुने हुए पार्षदों, नगर परिषद के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा 2013 से 2026 तक जमा करवाए गए होल्डिंग टैक्स का संपूर्ण लेखा-जोखा जांच के दायरे में लाने की मांग भी की गई है। इसमें होल्डिंग नंबर, वार्ड, प्रधान मुख्य मार्ग, मुख्य मार्ग व अन्य मार्गों के आधार पर दर्ज संपत्ति विवरण की जांच तथा जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक करने की अपील शामिल है।

वर्ष 2023 में चुनाव लड़ने हेतु जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर नगर परिषद द्वारा जारी किए गए बकाया-मुक्त प्रमाणपत्रों (एनओसी) की भी सख्त जांच कराने की मांग की गई है। यह पता लगाने को कहा गया है कि सभी प्रमाणपत्र नियमों के अनुरूप जारी हुए या नहीं। यदि कहीं संपत्ति का सही विवरण नहीं दिया गया अथवा कर बकाया रहने के बावजूद प्रमाणपत्र दिए गए तो संबंधितों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है।

प्रदीप शरण ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच विशेष जांच दल से कराने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि जांच में होल्डिंग टैक्स संबंधी अनियमितता सामने आती है तो संबंधितों से बकाया राशि वसूल की जाए। उन्होंने बिहार नगरपालिका संपत्ति कर (निर्धारण, संग्रहण एवं वसूली) नियमावली 2013 के प्रावधानों के मुताबिक कार्रवाई की मांग की है।

इस मांग को वार्ड 1 से 35 तक के सैकड़ों करदाताओं का समर्थन मिला है। समर्थकों में इस्लाम अंसारी (पूर्व मुखिया, भोजपुर), चुनमुन प्रसाद वर्मा (पूर्व उपाध्यक्ष), मुसाफिर सिंह (पूर्व शिक्षक), बलराम सिंह यादव, ललन सिंह यादव, रिंकू यादव, राधाकिसुन (मजदूर नेता), अखिलेश कुमार, अमरनाथ केसरी और राजेंद्र केशरी समेत कई अन्य शामिल हैं।

प्रदीप शरण ने कहा कि होल्डिंग टैक्स आम नागरिकों से सीधे जुड़ा मुद्दा है इसलिए नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों की संपत्तियों से जुड़े कर रिकॉर्ड की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से विशेष जांच दल गठित कर जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने का आग्रह किया है।

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