द जनमित्र डेस्क
आगामी 29 अप्रैल को चोल मुंडन संस्कार के मौके पर शहर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए बक्सर पुलिस ने यातायात व्यवस्था में व्यापक बदलाव का ऐलान किया है। इस दौरान सुबह तीन बजे से रात दस बजे तक ट्रैक्टर, पिकअप समेत सभी भारी वाहनों के शहर में घुसने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पुलिस के मुताबिक, सामान्य यातायात सुबह चार बजे से शाम पांच बजे तक चलेगा। इसका मकसद समारोह के समय आवागमन को सुचारू रखना और जाम की स्थिति से निपटना है।

कई अहम सड़कों पर दोपहिया वाहनों को छोड़कर बाकी सभी वाहनों के लिए नो एंट्री या आंशिक रोक लगाई गई है। इनमें ज्योति चौक से थाना चौक, थाना चौक से नाथ बाबा पुल, थाना चौक से रामरेखा घाट होते हुए पीपी रोड से पुराना सदर अस्पताल, सिंडिकेट से जमुना चौक होते हुए थाना चौक और मठिया पुल से मुनीम चौक तक के रास्ते शामिल हैं।
चार पहिया वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है। गोलंबर से सिंडिकेट, बाईपास, ज्योति चौक और आईटीआई रोड होते हुए मठिया मोड़ से दानी कुटिया तक तथा गोलंबर से सिंडिकेट, ज्योति चौक, अंबेडकर चौक होते हुए इटाढ़ी गुमटी तक आवाजाही की इजाजत दी गई है।
ई-रिक्शा और ऑटो के लिए अलग रूट तय
ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा चालकों के लिए भी अलग-अलग परिचालन मार्ग बनाए गए हैं। इनमें गोलंबर से सिंडिकेट, बाईपास, ज्योति चौक होते हुए स्टेशन रोड, गोलंबर से सिंडिकेट, ज्योति चौक, आईटीआई रोड, नाथ बाबा होते हुए नहर मार्ग से वापस ज्योति चौक और गोलंबर से सिंडिकेट, ज्योति चौक, अंबेडकर चौक, बाजार समिति, नई बाजार होते हुए मठिया मोड़ तक का रूट शामिल है।
पार्किंग की खास तैयारी
भारी वाहनों, ट्रैक्टर, पिकअप, बस और अन्य चार पहिया वाहनों के लिए हवाई अड्डा मैदान, आईटीआई मैदान, बाजार समिति, गोलंबर पार्किंग और इटाढ़ी गुमटी से पहले दक्षिण की ओर रेलवे मैदान को पार्किंग स्थल बनाया गया है। वहीं दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए किला मैदान और उसके आसपास की जगह पर पार्किंग की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
पुलिस प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक चार पहिया वाहनों का इस्तेमाल न करें और केवल निर्धारित रास्तों का ही उपयोग करें। मरीजों, एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं वाले वाहनों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अपने साथ वैध टिकट रखना अनिवार्य होगा, ताकि उन्हें बिना रुकावट गुजरने दिया जा सके।


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