द जनमित्र | शशि
मानसून की दस्तक के साथ ही बक्सर में बाढ़ की आशंका ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। खासकर बक्सर कोईलवर तटबंध की सुरक्षा को लेकर बाढ़ नियंत्रण विभाग ने कमर कस ली है। करीब 20 किलोमीटर लंबे इस तटबंध को अभेद्य बनाने के लिए विभाग ने 25,000 बालू भरी प्लास्टिक बोरियों की व्यवस्था शुरू कर दी है।










जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सत्येंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जिलाधिकारी विद्यानंद सिंह के निर्देश पर तटबंधों की मरम्मत और निगरानी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। हाल ही में केशोपुर से गंगौली तक तटबंध का गहन निरीक्षण किया गया, जहां कटावरोधी कार्यों की गुणवत्ता परखी गई। कमजोर हिस्सों को चिह्नित कर तत्काल मरम्मत का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने निगरानी को और सघन कर दिया है, ताकि कोई भी खतरा अनदेखा न रहे।
महावीर घाट के आसपास कटाव की गंभीर स्थिति ने स्थानीय ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि, विभाग द्वारा किए गए कटावरोधी कार्यों ने ग्रामीणों को राहत की सांस दी है। फिर भी, ग्रामीण सतर्क हैं और प्रशासन से निरंतर निगरानी की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि बाढ़ के दबाव वाले क्षेत्रों पर पैनी नजर रखी जाएगी और किसी भी कमजोरी को तुरंत ठीक किया जाएगा।
बाढ़ नियंत्रण विभाग के SDO को मरम्मत कार्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सिमरी सीओ को नावों के पंजीकरण और आपदा के समय आश्रय स्थलों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य संभव हो सके।
प्रशासन का दावा है कि बक्सर कोईलवर तटबंध की सुरक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही। सभी टीमें अलर्ट मोड पर हैं, और आपदा से निपटने की तैयारियां चाक-चौबंद हैं। मानसून की चुनौतियों के बीच प्रशासन की यह सक्रियता न केवल बक्सर के लोगों को सुरक्षा का भरोसा दे रही है, बल्कि एक मिसाल भी कायम कर रही है।


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