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40 मुसहर परिवारों के घर उजाड़े गए, ठंड में खुले आसमान तले रहने को मजबूर

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले के नावानगर प्रखंड के रूपसागर पंचायत अंतर्गत तुरांवगढ़ गांव में नहर किनारे पुस्तों पर बसे मुसहर जाति के लगभग 40 परिवारों के घर विध्वंस कर दिए गए। इस अमानवीय कार्रवाई के बाद छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग समेत पूरा परिवार ठंड के इस मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने को विवश है।

घटना की सूचना मिलते ही डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह, भाकपा-माले के प्रखंड सचिव हरेन्द्र राम, मड़ियाँ पैक्स अध्यक्ष नीरज कुमार, जिला परिषद सदस्य राजीव कुमार यादव और मुखिया ब्रिज कुमार सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और स्थिति का जायजा लिया।

पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने अंचल अधिकारी से फोन पर बातचीत कर तत्काल तिरपाल, कंबल, भोजन और अस्थायी आवास की व्यवस्था करने तथा स्थायी पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुसहर समाज पहले से ही सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से अत्यंत पिछड़ा हुआ है। बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए ऐसे बेदखली करना मानवीय मूल्यों के खिलाफ है और संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन के अधिकार का घोर उल्लंघन है।

डॉ. सिंह ने प्रशासन से सभी पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत सामग्री, अस्थायी आवास, राशन और स्थायी बसावट के लिए भूमि उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी।

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