द जनमित्र डेस्क
राजपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को एनएच 319ए पर हुई भयानक बाइक टक्कर में अब चौथे युवक की जान चली गई है। वाराणसी ले जाते समय घायल रितेश सिंह (20) ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। गुरुवार को जब उनका शव बनारपुर गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी।

मृतक रितेश सिंह बनारपुर गांव का निवासी था। उसके पिता वंशीधर सिंह खेती-बाड़ी करते हैं। रितेश अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था और इसी साल इंटरमीडिएट की परीक्षा देने की तैयारी कर रहा था। परिजनों के अनुसार, वह बुधवार को दोस्तों के साथ बाइक पर सैर के लिए निकला था।
हादसा बुधवार दोपहर रोहनीभान गांव के पास हुआ, जहां दो बाइकें 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार में आमने-सामने टकराईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण दुर्घटना में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों में बनारपुर के सूर्य देव कुमार (25), कैमूर जिले के चंद्रेश निवासी सैफ अली (24) और उपेंद्र प्रजापति (26) शामिल थे।
सूर्य देव कुमार पटना में जिम ट्रेनर थे और उनकी शादी 21 फरवरी को तय थी। वे महज दो दिन पहले गांव लौटे थे। उपेंद्र प्रजापति मई में शादी करने वाले थे और गांव में स्कूलों को कॉपी-किताब सप्लाई का काम करते थे। वे अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। सैफ अली भी अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था। इन तीनों की मौके पर मौत से पूरे इलाके में मातम छा गया।
गंभीर रूप से घायल रितेश सिंह और रूपेश कुमार को पहले बक्सर सदर अस्पताल ले जाया गया। रितेश को बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया, लेकिन ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। रूपेश कुमार का इलाज अभी जारी है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
मुफस्सिल थाना अध्यक्ष शंभू भगत ने बताया कि रितेश सिंह का पोस्टमॉर्टम पूरा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तेज रफ्तार व लापरवाही को दुर्घटना का मुख्य कारण मान रही है।
यह हादसा एक साथ चार परिवारों की खुशियां छीन ले गया। जहां किसी की शादी की तैयारियां चल रही थीं, कोई पढ़ाई का सपना देख रहा था, तो कोई माता-पिता का इकलौता सहारा था। तेज रफ्तार ने चार जिंदगियां छीन लीं और पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है।


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