द जनमित्र | शशि
बक्सर जिले में होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। युवाओं का गुस्सा उस वक्त फूट पड़ा, जब कई उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के चलते बाहर का रास्ता दिखाया गया। आरोप है कि ग्राउंड में दौड़ पूरी करने के बावजूद, एक-दो सेकंड के मामूली अंतर का हवाला देकर योग्य उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराया जा रहा है। इससे नाराज़ युवाओं ने पुलिस केंद्र के बाहर हंगामा शुरू कर दिया और सड़कों पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। वाहनों की लंबी कतारों ने घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल बनाए रखा।




प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव है। उनका मांग है कि चयन प्रक्रिया को भारतीय सेना की भर्ती की तर्ज पर निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि किसी भी योग्य उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो। युवाओं की शिकायतों में दम नज़र आता है, क्योंकि ऐसी प्रक्रियाओं में छोटी-छोटी गलतियों का हवाला देकर मेधावी उम्मीदवारों को बाहर करना संदेह पैदा करता है।
स्थानीय अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। अगर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की गई, तो युवाओं का आक्रोश और बढ़ सकता है। यह ज़रूरी है कि प्रशासन इन आरोपों की गंभीरता से जांच करे और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाए। युवाओं का भविष्य दांव पर है, और उनकी मेहनत का सम्मान होना चाहिए। बक्सर की इस घटना ने एक बार फिर भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार की ज़रूरत को उजागर किया है।


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