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जदयू जिला अध्यक्ष ने अपने ही उप-विकास आयुक्त पर लगाए गंभीर आरोप. कहां, सरकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों से वसूल रहे हैं 5 से ₹25 हजार की राशि

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जदयू जिलाध्यक्ष ने अपने ही सरकार के उप-विकास आयुक्त पर लगाया गम्भीर आरोप, कहा यज्ञ कराने के नाम पर सरकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधियो से वसूल रहे है 5 हजार से लेकर 25 हजार तक की राशि. डीडीसी ने किया पलटवार कहा, दबाव बनाकर करवाना चाहते है नजायज कार्य नही किया तो लगा रहे है आरोप.

द जनमित्र । एस कुमार विमल

बक्सर : जदयू के जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने अपने ही सरकार के उप विकास आयुक्त डॉ महेंद्र पाल पर कई गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा की वह सरकारी काम ना करके किसी एक धर्म के धार्मिक अनुष्ठानों में ज्यादा बिजी रहते हैं. इतना ही नहीं इन कार्यों के लिए वह सरकारी वाहन का प्रयोग कर यज्ञ कराने के नाम पर तकरीबन दो करोड़ रुपये इकट्ठा करने के लिए वह कई अधिकारी व कर्मियों से हजारो रुपये चंदा वसूली कर रहे हैं. जबकि मनरेगा आदि योजनाओं में लूट मचाये हुए हैं. जिलाध्यक्ष ने कहा कि सरकार को ऐसे अधिकारी पर जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा देना चाहिए. वही जदयू जिलाध्यक्ष के इस आरोपों पर उप विकास आयुक्त ने पलटवार करते हुए कहा कि धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेना कहीं से भी गलत नहीं है. इसके अतिरिक्त उन पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह इसलिए लगाए जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने जदयू जिलाध्यक्ष के कहने पर कुछ अधिकारी और कर्मियों का ट्रांसफर-पोस्टिंग कही और कराया और कोई कार्य नहीं किये हैं.

अपने ही सरकार के विकास पर खड़ा किया सवाल

वही उन्होंने कहा कि आज जिले में जल जीवन हरियाली योजना की क्या स्थिति है वह किसी से छुपा हुआ नही है. तलाब की जीर्णोद्वार के नाम पर करोड़ो की निकासी हुई लेकिन जमीन पर कोई काम नही हुआ है. सरकार ऐसे अधिकारियो की संपत्ति का जांच कराये की उनके पास इतना सम्पति कहा से आया.

डीएम को बताया नादान

जदयू जिलाध्यक्ष ने जिला पदाधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाएं. उन्होंने कहा कि उप विकास आयुक्त की शिकायत करने पर उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई. ऐसे में वह मानते हैं कि जिला पदाधिकारी भी अभी नादान हैं. जिलाध्यक्ष ने कहा कि ऐसे जिलाधिकारी को उन्होंने अब तक नहीं देखा था.

उप विकास आयुक्त ने कहा, गलत काम नहीं करने पर लगा रहे आरोप

जदयू जिलाध्यक्ष द्वारा लगाए गए आरोप को लेकर जब उप विकास आयुक्त डॉ महेंद्र पाल से फोन पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि जदयू जिलाध्यक्ष ने उन पर नियम विरुद्ध जाकर कुछ कार्य करने का दबाव बनाया था. जिसमें कुछ अधिकारियों और कर्मियों की ट्रांसफर पोस्टिंग का मामला भी शामिल था. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. जिसके कारण जदयू जिलाध्यक्ष बौखलाकर इस तरह का आरोप लगाने लगे है. उप विकास आयुक्त ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान करना कहीं से भी गलत नहीं है. कभी-कभी विधि व्यवस्था संधारण के लिए भी ऐसे आयोजनों में जाना पड़ता है. लेकिन इसका अर्थ यह नहीं की अधिकारी अपने कर्तव्य से विमुख है.

बहरहाल जदयू जिलाध्यक्ष और उप विकास आयुक्त की यह जुबानी जंग कहां तक जाती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा. लेकिन फिलहाल दोनों के आमने-सामने आने पर जिले में कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है.

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