रक्षाबंधन के दिन काली पट्टी बांधकर छात्र- छात्राओ का इंतजार करते रहे गुरु जी, पाठशाला में बच्चों की जगह आवारा कुत्ता ने क्लास रूम में दी दस्तक, दीवाल पर लिखे एबीसीडी का करता रहा अध्ययन.
द जनमित्र | डेस्क
बक्सरः बिहार में शिक्षा विभाग द्वारा रक्षाबंधन की छुट्टी रद्द कर देने के बाद शिक्षकों में आक्रोश, शिक्षक काली पट्टी बांधकर स्कूल में पहुँचकर छात्र-छात्राओ का इंतजार करते रहे लेकिन अधिकांश विद्यालयों में एक भी छात्र और छात्रा नही पहुँचे जिसकी तस्वीर शिक्षकों ने ही साझा की. इसी दौरान एक शिक्षक के द्वारा स्कूल में पहुँचे एक आवारा कुत्ते की तस्वीर भी साझा किया गया जो स्कूल के दीवाल पर लिखे एबीसीडी को गौर से निहार रहा है या यूं कहें कि उसका अध्ययन कर रहा है जो चर्चा का बिषय बना हुआ है और लोग इस तस्वीर को शेयर कर तरह तरह के कॉमेंट कर रहे है हालांकि यह तस्वीर जिले के किस विद्यालय की है इसकी जानकारी अभी तक हासिल नही हो पाई है.

शिक्षकों ने कहा जुल्म के हर इंतहा को पार कर गया है विभाग
वही नाराज शिक्षकों ने बताया कि जुल्म के हर इंतहा को विभाग पार कर दिया है. स्कूल को बर्बाद करने में शिक्षकों का नही सरकार की हाथ है पढ़ाई के जगह जनगणना, इलेक्शन, राशन कार्ड, वोटर आईडी, पोलिंग बूथ, जातीय जनगणना, धान खरीद, बोरा बिक्री , कबाड़ बिक्री कराइयेगा तो शिक्षक स्कूल में क्या पढ़ाएंगे और बच्चे सरकारी विद्यालय में क्यो आएंगे जब पढ़ाने ही नही दीजिएगा.

बीजेपी ने कहा एक जाति विशेष को खुश करने के लिए सरकार ने लिया निर्णय
सरकार के फैसले को लेकर स्थानीय सांसद सह केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने प्रेस रिलीज जारी कर बिहार सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि चाचा भतीजे की सरकार आगामी चुनाव को देखते हुए एक जाति विशेष को खुश करने के लिए हिंदू धर्म के आस्था पर चोट कर रहे है लेकिन उनका यह मंसूबा कामयाब नहीं होगा. भारतीय जनता पार्टी के नेताओ ने कहा कि बिहार अब बंगाल के रास्ते पर चल पड़ा है जहां एक जाति विशेष को खुश करने के लिए, ममता बनर्जी ने सबसे पहले स्कूल की छुट्टियों पर बैन लगाया था वही अब बिहार में चाचा भतीजे की सरकार भी हिंदू धर्म के आस्था पर चोट पहुंचाने के लिए तमाम छुट्टियों को रद्द कर रही हैं जिससे हिंदू धर्म के लोग आस्था के साथ अपने त्यौहार को नहीं मना सके.



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