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हड़ताल की अवधि का वेतन कटने पर सफाईकर्मियों ने किया काम बंद

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले के डुमरांव नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने गुरुवार सुबह हड़ताल के दिनों का वेतन काटे जाने के खिलाफ काम ठप कर दिया। वे नगरपालिका बाजार परिसर में धरने पर बैठ गए और काटी गई रकम वापस करने की मांग करने लगे। इस वजह से कुछ देर तक शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित रही।

सफाई कर्मचारियों का कहना है कि बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त संघर्ष मोर्चे की देशव्यापी हड़ताल में उन्होंने भी हिस्सा लिया था। उस दौरान हुई बातचीत में हड़ताल के दिनों का भुगतान करने पर सहमति हो गई थी।

उनके मुताबिक जुलाई और अगस्त महीने का वेतन बुधवार को बैंक खातों में आना था। आरोप है कि हड़ताल अवधि का पैसा एनजीओ पहले ही दे चुका था, फिर भी जुलाई-अगस्त के भुगतान में वही रकम काटकर भेजी गई।

खाते में कम पैसे आने की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों में गुस्सा फैल गया। उन्होंने गुरुवार सुबह सफाई कार्य बंद कर नगर परिषद परिसर में धरना शुरू कर दिया। बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ की डुमरांव शाखा के सचिव शिव शंकर तिवारी और युवा माले नेता सर्वेश कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कहा कि हड़ताल अवधि के भुगतान पर सहमति हो चुकी थी, इसलिए दोबारा कटौती नहीं होनी चाहिए।

धरने की खबर मिलते ही नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुलधर दुबे और नगर स्वच्छता अधिकारी राजीव रंजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से बात की, उनकी शिकायत सुनी और समस्या सुलझाने का भरोसा दिलाया।

ईओ राहुलधर दुबे ने बताया कि नगर परिषद ने एनजीओ को हड़ताल के दिनों का भुगतान करने का आदेश दिया था। उनके अनुसार एनजीओ की गलती से सफाई कर्मचारियों के वेतन में कटौती हो गई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार दोपहर तक काटी गई पूरी रकम सभी कर्मचारियों के बैंक खातों में वापस भेज दी जाएगी।

इस आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया और काम पर लौट आए। नगर में सफाई कार्य दोबारा शुरू हो गया। धरने में दीपक बास्फोर, कृष्णा बास्फोर, मिथिलेश राम, धर्मेन्द्र डोम, संजीत यादव, संजय सिंह समेत कई अन्य सफाईकर्मी शामिल रहे।

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