द जनमित्र डेस्क
बक्सर में इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग को दोबारा बहाल किए जाने की मांग को लेकर पूर्व में हुए रेल चक्का जाम के सिलसिले में मंगलवार को नया मोड़ आया। रेलवे सुरक्षा बल द्वारा जारी समन के बाद नामजद प्रदर्शनकारी और कई जाने-माने सामाजिक-राजनीतिक चेहरे अपने अधिवक्ताओं के साथ आरपीएफ पोस्ट पर हाजिर हुए। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और आंदोलनकारियों के बीच शांतिपूर्ण माहौल में लंबी बातचीत चली।

विदित हो कि बीते 7 अगस्त को हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल मार्ग पर इटाढ़ी गुमटी को खोलने के लिए जोरदार प्रदर्शन किया गया था, जिसके कारण लगभग पच्चीस मिनट तक ट्रेनों की आवाजाही ठप रही थी और कुछ एक्सप्रेस गाड़ियां प्रभावित हुई थीं। इस घटनाक्रम के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने कई नामजद और सैकड़ों अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था। इसी कानूनी कार्रवाई के अगले चरण के तहत आरोपितों को नोटिस भेजकर तलब किया गया था।
मंगलवार को निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्थानीय सिविल कोर्ट के प्रतिष्ठित अधिवक्ता राहुल आनंद, बार एसोसिएशन के सचिव बिंदेश्वरी पांडेय, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय, अतिपिछड़ा संघर्ष मोर्चा के संयोजक सरोज राजभर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरिशंकर त्रिवेदी और लक्ष्मण उपाध्याय सहित कई प्रमुख लोग आरपीएफ कार्यालय पहुंचे। आरपीएफ इंस्पेक्टर कुंदन सिंह की देखरेख में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में पूरे मामले के विधिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया गया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने इस मौके पर अपनी बात रखते हुए कहा कि इटाढ़ी क्रॉसिंग का मुद्दा सीधे तौर पर क्षेत्र की आम जनता की सहूलियत से जुड़ा है और नागरिकों के हित में ही यह आवाज उठाई गई थी। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि जब क्रॉसिंग को चालू करने की प्रक्रिया पर अमल शुरू हो चुका है, तो इस आंदोलन से जुड़े मुकदमों को भी वापस लेने पर विचार किया जाना चाहिए।
दूसरी तरफ, आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद जो लोग उपस्थित हो रहे हैं, उनके मामलों में प्रचलित नियमों के अनुसार विधिक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए बंधपत्र भरवाने की कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार की इस सकारात्मक बैठक के बाद आंदोलनकारियों ने यह उम्मीद जताई है कि एक तरफ जहां क्रॉसिंग बहाली का कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा, वहीं इस कानूनी मामले में भी कोई अनुकूल और संतोषजनक हल निकल सकेगा।

Comment here