द जनमित्र डेस्क
सिमरी (बक्सर)। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से दियरांचल इलाके के सब्जी उत्पादक किसानों की मेहनत बेकार हो गई है। खेतों में घुसा बाढ़ का पानी सैकड़ों एकड़ में लगी परवल, करेला, भिंडी और अन्य सब्जियों को पूरी तरह नष्ट कर चुका है।

खेतों में जमा पानी से पकने वाली फसलें सड़ने लगी हैं। किसानों को लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। सबसे बुरी हालत उन गरीब किसानों की है जिन्होंने मालगुजारी पर जमीन लेकर सब्जी उगाई थी।
अब बीज, खाद, दवा और मजदूरी पर खर्च किया गया पैसा भी वापस नहीं मिल पाएगा। फसल बर्बाद होने के बाद परिवार का खर्च चलाना और मालगुजारी चुकाना दोनों ही मुश्किल हो गया है। पूरे साल का गुजारा कैसे होगा, यह सवाल किसानों को परेशान कर रहा है।
गर्जन पाठक के डेरा गांव के सब्जी किसान रामाशंकर बिंद ने बताया कि पिछले करीब एक हफ्ते से गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है। इससे उनके खेतों में बाढ़ आ गई और परवल, करेला सहित तमाम सब्जियां पानी में डूबकर नष्ट हो गईं।
उन्होंने कहा कि सब्जी खेती ही परिवार की कमाई का मुख्य साधन थी। फसल चली जाने से आर्थिक संकट और गहरा गया है। गांववालों का कहना है कि बाढ़ ने सब्जी किसानों की कमर तोड़ दी है। इसलिए प्रशासन को तुरंत प्रभावित इलाकों में फसल नुकसान का सर्वे कराना चाहिए।
किसानों की मांग है कि नुकसान का सही आकलन करके सरकारी नियमों के तहत जल्द मुआवजा दिया जाए। अगर राहत नहीं मिली तो कई गरीब परिवारों को भूखमरी जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

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