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बक्सर में सड़क परियोजनाएं अटकीं, ट्रैफिक जाम से लोग परेशान

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर शहर में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने और आवाजाही आसान बनाने के लिए शुरू की गई दो सड़क योजनाएं ठप पड़ी हैं। इनकी कुल लागत 76.63 करोड़ रुपये है।

बिहार सरकार ने गोलंबर से ज्योति चौक तक फोरलेन बाईपास और बड़ी मस्जिद से केंद्रीय कारा तक सड़क चौड़ीकरण की मंजूरी दी थी। लेकिन महीनों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिलने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा।

कागजी प्रक्रिया और विभागों के बीच समन्वय की कमी का असर शहर की सड़कों पर साफ दिख रहा है। कई जगह सड़कें खोदी पड़ी हैं और निर्माण सामग्री बिखरी है। इससे आम लोगों को दुर्घटना का खतरा और धूल-प्रदूषण झेलना पड़ रहा है।

इन दोनों परियोजनाओं का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फरवरी 2025 में बक्सर दौरे के दौरान राजपुर प्रखंड मुख्यालय में एक कार्यक्रम में किया था।

पथ निर्माण विभाग के तहत गोलंबर-ज्योति चौक फोरलेन बाईपास की लागत 41.52 करोड़ रुपये है। 2.5 किलोमीटर लंबे इस रास्ते को 14 मीटर चौड़ा फोरलेन बनाने, बीच में तीन फीट का डिवाइडर लगाने और दोनों तरफ आरसीसी नाले बनाने की योजना है। इसे नवंबर 2026 तक पूरा करना था।

दूसरी योजना बड़ी मस्जिद से केंद्रीय कारा तक सड़क चौड़ीकरण और नाला निर्माण की है, जिसकी लागत 35.11 करोड़ रुपये है। 4.20 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का काम वैष्णव कंस्ट्रक्शन कर रही है। लक्ष्य अप्रैल 2026 तक पूरा करने का था।

काम धीमा होने की मुख्य वजह निर्माण स्थल पर लगे सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे हैं। गोलंबर-ज्योति चौक मार्ग पर करीब 300 पेड़ अड़चन बन रहे हैं।

वन संरक्षण नियमों के मुताबिक बिना वैकल्पिक भूमि के हस्तांतरण के पेड़ों की कटाई या शिफ्टिंग की अनुमति नहीं मिल सकती। पथ निर्माण विभाग ने सिमरी प्रखंड के केशोपुर मौजा में जमीन चिह्नित कर वन विभाग के रांची कार्यालय को प्रस्ताव भेजा था। लेकिन वहां से भूमि के स्वामित्व और दाखिल-खारिज से जुड़ी और जानकारी मांगकर फाइल वापस लौटा दी गई।

पथ निर्माण विभाग के प्रभारी कार्यपालक अभियंता विभूति चंद्र का कहना है कि मांगी गई सारी जानकारी जुटाकर फाइल दोबारा रांची भेज दी गई है। जल्द एनओसी मिलने की उम्मीद है।

बड़ी मस्जिद-जेल रोड मार्ग पर पेड़ों के अलावा बिजली के खंभे और ओवरहेड तार भी बाधा हैं। इसलिए निर्माण एजेंसी पूरे रास्ते पर एक साथ काम नहीं कर पा रही और सिर्फ खाली जगहों पर टुकड़ों-टुकड़ों में काम कर रही है।

प्रशासनिक देरी का सबसे ज्यादा नुकसान आम नागरिकों और यात्रियों को हो रहा है। अधूरे निर्माण की वजह से सुबह-शाम गोलंबर, बस स्टैंड, सिंडीगेट और ज्योति चौक पर लंबी कतारें लग जाती हैं। एंबुलेंस और स्कूल बसें भी फंस जाती हैं।

बड़ी मस्जिद से जेल रोड पर किला मैदान से पंचमुखी हनुमान मंदिर तक नाला बनाने के लिए की गई खुदाई ने सड़क को और संकरा तथा खतरनाक बना दिया है।

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