द जनमित्र डेस्क
बक्सर रेलवे स्टेशन अब यात्री सुविधाओं के नए दौर में प्रवेश करने जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन को बेहतर बनाने और नवीनतम तकनीकों से लैस करने की व्यापक योजना शुरू कर दी है, जिससे यात्रा करना ज्यादा आरामदायक और सुगम हो जाएगा।
इस परियोजना के तहत स्टेशन के कुछ अहम ट्रैकों को पारंपरिक गिट्टी वाली व्यवस्था की जगह आधुनिक गिट्टी रहित ट्रैक से बदला जाएगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह नई तकनीक ट्रैक को मजबूत और लंबे समय तक टिकाऊ बनाएगी। इससे ट्रेनों का आवागमन सुरक्षित एवं सुचारू रहेगा तथा रखरखाव की लागत और प्रयास भी काफी कम हो जाएंगे। खासकर मानसून के मौसम में पानी भरने और ट्रैक क्षतिग्रस्त होने की समस्याएं बहुत हद तक दूर होंगी।

यात्रियों को कोच ढूंढने में न होगी कोई मुश्किल
स्टेशन पर यात्री सूचना व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक बनाया जा रहा है। यहां डिजिटल ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड, कोच पोजिशन इंडिकेटर सिस्टम और जीपीएस आधारित डिजिटल घड़ियां लगाई जाएंगी। इनकी मदद से यात्री ट्रेन के आने-जाने का समय तो जान सकेंगे ही, साथ ही अपने कोच की सटीक लोकेशन भी आसानी से पता कर सकेंगे। इससे प्लेटफॉर्म पर कोच खोजने की पुरानी परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
रेलवे ने प्लेटफॉर्म की ऊंचाई और लंबाई बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। फिलहाल लंबी दूरी की कई ट्रेनों के कुछ कोच प्लेटफॉर्म के बाहर रह जाते हैं, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को चढ़ने-उतरने में काफी दिक्कत होती है। प्लेटफॉर्म के विस्तार के बाद सभी डिब्बे प्लेटफॉर्म की सीमा में आ जाएंगे और यात्री सुरक्षित एवं आसानी से ट्रेन में चढ़-उतर सकेंगे।
इसके अलावा कोचों में पानी भरने की अत्याधुनिक और तेज प्रणाली भी विकसित की जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पानी भरने का काम पहले से कहीं कम समय में पूरा हो जाएगा, जिससे ट्रेनों के अनावश्यक रुकाव कम होंगे और समयबद्ध परिचालन सुनिश्चित होगा।
यात्री संख्या को देखते हुए चरणबद्ध विकास
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, बक्सर स्टेशन पर बढ़ती यात्री भीड़ और आने वाले समय की जरूरतों को ध्यान में रखकर इन सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक अभिनव सिद्धार्थ ने कहा कि सभी योजनाएं यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं।


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