द जनमित्र डेस्क
बक्सर जिले में एक हैरतअंगेज घटना ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। अज्ञात चोरों ने 40 मीटर ऊंचे पूरे मोबाइल टावर, 15 केवीए क्षमता के डीजल जनरेटर और अन्य जरूरी उपकरणों को चोरी करके उड़ा लिया। इस मामले को पुलिस ने बेहद संदिग्ध माना है।
घटना का पता तब चला जब जीटीएल इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की टीम बंद पड़े टावर को दोबारा सक्रिय करने के लिए साइट पर पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर देखा कि टावर का पूरा ढांचा ही गायब था।
कंपनी के लैंड एवं ऑपरेशन अधिकारी बैजनाथ ओझा ने इसकी शिकायत डुमरांव थाने में दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि टावर वार्ड नंबर 18 में स्थानीय निवासी हरिनाथ यादव की जमीन पर लगा हुआ था। कुछ वर्षों से तकनीकी दिक्कतों के चलते यह बंद पड़ा था।

हरिनाथ यादव ने बताया कि कंपनी के साथ उनका अनुबंध वर्ष 2022 में समाप्त हो चुका था। 2017 के बाद कंपनी ने उन्हें कोई भुगतान नहीं किया। अनुबंध खत्म होने के बाद उन्होंने कंपनी को कई बार कानूनी नोटिस भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। टावर चोरी होने की जानकारी होने से उन्होंने इनकार कर दिया।
कंपनी की टीम ने 2 जून को जब स्थल का जायजा लिया तो पूरा टावर, जनरेटर और अन्य सामान गायब पाया गया। स्थानीय लोगों ने भी चोरी की कोई जानकारी होने से मुकर लिया। उन्होंने कहा कि आमतौर पर बैटरी या केबल जैसी छोटी चीजें चोरी होती रहती हैं, लेकिन इतना बड़ा टावर गायब होना किसी संगठित गिरोह की करतूत लगती है।
डुमरांव के डीएसपी पोलस्त कुमार ने कहा कि शिकायत मिल चुकी है और मामला काफी संदेहास्पद है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चोरों ने बेहद सोची-समझी योजना के तहत यह वारदात को अंजाम दिया। इतने बड़े ढांचे को हटाने के लिए भारी मशीनरी और कई लोगों की मदद जरूरी होती है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।


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