द जनमित्र डेस्क
भीषण लू और तेज गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने मजदूरों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शनिवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन समिति की बैठक हुई, जिसमें श्रमिकों की जान-माल की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखने का फैसला लिया गया। मौसम विभाग के अनुसार, दिन में बक्सर का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। दोपहर में गर्म हवाओं और तपती धूप के बीच यह तापमान 47 डिग्री जैसा महसूस हुआ।

काम करने का समय बदला, दोपहर में पूर्ण प्रतिबंध
जिला प्रशासन ने सभी ठेकेदारों, फैक्ट्री मालिकों, निर्माण एजेंसियों और ईंट-भट्ठा संचालकों को सख्त निर्देश जारी करते हुए खुले में काम करने वाले मजदूरों के लिए नया कार्य समय निर्धारित कर दिया है। अब श्रमिक सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 3:30 बजे से 6:30 बजे तक ही काम कर सकेंगे। दोपहर के सबसे तेज गर्मी वाले समय में काम पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि हर कार्यस्थल पर पीने का पर्याप्त ठंडा पानी, प्राथमिक चिकित्सा किट और छायादार विश्राम स्थल अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेंगे। ईंट-भट्ठों, निर्माण साइटों और कारखानों में आइस पैक तथा शेड की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इन निर्देशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता अभियान तेज
जिलाधिकारी ने श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को मजदूर-बहुल इलाकों और औद्योगिक क्षेत्रों में विशेष जागरूकता शिविर लगाने का निर्देश दिया। इन शिविरों में लू से बचाव के उपायों पर जोर दिया जाएगा, जिसमें ज्यादा से ज्यादा पानी पीना, सिर को कपड़े से ढंकना और लगातार धूप में काम न करने जैसी सलाह शामिल है।
बता दें कि बक्सर समेत पूरे बिहार में इन दिनों गर्मी का कहर तेजी से बढ़ रहा है। राज्य के कई जिलों में लू का प्रकोप जारी है और मौसम विभाग ने तेज गर्म हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया हुआ है।


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