द जनमित्र डेस्क
जिले की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए चलाए जा रहे ‘ज्ञान भारतम मिशन’ को एक बड़ी कामयाबी मिली है। अभियान के तहत हाल ही में एक अनमोल खजाना सामने आया है, जिससे स्थानीय इतिहासकारों और नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
जानकारों के मुताबिक, जिले के एक गुरुद्वारे से करीब सौ वर्ष से भी अधिक पुरानी गुरुग्रंथ साहिब की दुर्लभ हस्तलिखित प्रतिलिपि प्राप्त हुई है। इसके अलावा, जिला पदाधिकारी और उप विकास आयुक्त के सहयोग से एक और प्राचीन ग्रंथ की खोज की गई है, जिसे विद्वान बेहद महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी प्रतिमा कुमारी ने बताया कि इस मिशन का मकसद सिर्फ प्राचीन लेखों को तलाशना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाना भी है। उन्होंने कहा, “इस पहल के जरिए हम बक्सर को सांस्कृतिक और बौद्धिक ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं।”
प्रशासन इन दुर्लभ पांडुलिपियों के डिजिटल संरक्षण के साथ-साथ उनके मूल रूप को भी बचाने पर खासा जोर दे रहा है, ताकि समय के थपेड़ों से ये अमूल्य दस्तावेज सुरक्षित रह सकें।
जिला प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर किसी के पास कोई पुरानी हस्तलिखित पुस्तक, पांडुलिपि या ग्रंथ है तो उसे इस मिशन के साथ साझा करें। इससे जिले की छिपी हुई बौद्धिक धरोहर को उजागर करने और संरक्षित करने में बड़ी मदद मिलेगी।
ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत हो रही ये लगातार कोशिशें बक्सर की ऐतिहासिक पहचान को नई जान देने का काम कर रही हैं और इसे एक सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की राह दिखा रही हैं।


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