द जनमित्र डेस्क
जिले के नगर भवन में मंगलवार को ‘समता अधिकार सम्मेलन’ का भव्य आयोजन हुआ। ऑल इंडिया फोरम फॉर इक्विटी और यूजीसी रेगुलेशन-समता आंदोलन, बक्सर की ओर से कराए गए इस कार्यक्रम में सामाजिक समानता, आरक्षण व्यवस्था, शिक्षा अधिकार और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गहन चर्चा चली।
सम्मेलन को महात्मा ज्योतिबा फुले, बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और बीपी मंडल को समर्पित किया गया। जनार्दन कुशवाहा ने अध्यक्षता की, जबकि विश्वा यादव ने पूरे कार्यक्रम का संचालन किया।

मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व सहायक प्रोफेसर और लेखक डॉ. लक्ष्मण यादव ने कहा कि शिक्षा संस्थानों समेत पूरे समाज में जातिगत भेदभाव अभी भी गहराई से बसा हुआ है। इसे जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए ठोस सरकारी नीतियों और जन-आंदोलनों दोनों की जरूरत है। उन्होंने युवाओं, छात्रों, किसानों और आम लोगों से अपील की कि वे सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में आगे आएं।
डॉ. यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि मौजूदा समय चुनौती भरा है। स्कूल बंद हो रहे हैं, शिक्षा महंगी हो गई है और सत्ताधारी ताकतें गरीबों, मजदूरों व किसानों को जाति-धर्म के नाम पर बांटकर उनके अधिकारों को छीन रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म, जनसंख्या और नफरत की राजनीति से लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटकाया जा रहा है।
डुमरांव के पूर्व विधायक और इंकलाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत कुशवाहा ने केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति और प्रस्तावित यूजीसी नियमों को सामाजिक न्याय तथा आरक्षण के लिए खतरा बताया। उन्होंने बिहार विधानसभा में पारित 65 प्रतिशत एससी-एसटी-ओबीसी आरक्षण को तुरंत लागू करने की मांग की। डॉ. कुशवाहा ने साफ कहा कि बक्सर को हिंदुत्व की प्रयोगशाला कभी नहीं बनने देंगे।
अगिआंव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने कॉरपोरेट लूट पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक ओर 80 करोड़ से ज्यादा लोग मुफ्त राशन पर निर्भर हैं, दूसरी ओर शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि आम परिवार एक बच्चे का भविष्य भी नहीं संवार पा रहा। उन्होंने निजीकरण, जातिगत भेदभाव और बढ़ती असमानता के खिलाफ सभी वर्गों को एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।
ऐपवा नेता पूजा यादव ने महिला आरक्षण विधेयक में ओबीसी, एससी और एसटी महिलाओं के लिए अलग कोटा सुनिश्चित करने और इसे बिना देरी के लागू करने की मांग की।
सम्मेलन में संयोजक रिंकू यादव, जेएनयू के रिसर्च स्कॉलर ज्ञानप्रकाश, पृथ्वी, केदार यादव समेत कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-युवा, सामाजिक कार्यकर्ता, बक्सर जिला परिषद अध्यक्ष सरोज देवी, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।


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