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गजलगो कुमार नयन की पत्नी के निधन से जिले भर में शोक…

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जनमित्र/बक्सर: प्रख्यात गजलगो कुमार नयन की पत्नी सुहाग रानी के असामयिक निधन से जिले में शोक की लहर दौड़ गयी. जिले के राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक जगत में गहरा गहरा शोक रहा. स्थानीय चरित्रवन घाट पर बुधवार को आर्य समाज के विधि विधानों के अनुसार दाह संस्कार किया गया. गजलगो कुमार नयन ने बताया कि उनकी पत्नी सुहाग रानी दहीचि देह संस्थान आइजीएमएस पटना को मरणोपरांत अपना देह दान किया था, पर कोरोना महामारी के कारण संस्थान के डाॅक्टरों ने शरीर को लेने से इंकार कर दिया और इसके लिए गहरा दुख जताते हुए कुमार नयन से क्षमा-याचना भी मांगी. कुमार नयन ने कहा कि उनकी पत्नी की अंतिम इच्छा थी कि मरणोपरांत उनका शरीर मेडिकल के

छात्रों को शोध के लिए आइजीएमएस पटना में जाये. लेकिन, उनकी अंतिम इच्छा की पूर्ति नहीं होने से वे काफी मर्माहत हैं. दधीचि देह दान समिति के संयोजक नगर परिषद बक्सर की पूर्व चेयरमैन मीना सिंह ने भी काफी प्रयास किया. परंतु इस मामले में कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पायी. अतंतः चरिचत्रवन के घाट पर दाह संस्कार करना पड़ा. सारा विधि विधान पुरोहित नरेंद्र आर्य ने संपन्न करायी. प्रलेस से जुड़े समीक्षक डाॅ. दीपक राय ने कहा कि गजलगो कुमार नयन आज साहित्य के जिस मुकाम पर हैं. उसमें उनकी पत्नी सुहाग रानी का पूरा सहयोग है. ऐसे में वे एक गृहिणी होते हुए भी समाज के लोगों के लिए आदर्श के रूप में स्थापित हैं. पेंशनर समाज के संरक्षक गणेश उपाध्याय, रेडक्राॅस सोसायटी के ए.के. सिंह, प्रकृति जनकल्याण संस्थान के सचिव अभिमन्यु सिंह, कांग्रेस नेता सत्येंद्र ओझा, वैदेही शरण, माकपा नेता राजेश शर्मा, राम मुरारी, कौशिक, शशांक शेखर, विमल कुमार, राकेश राही, रामाशंकर सिंह कुशवाहा, विवेक केसरी, रामजी सिंह, मुखिया रंजीत चैधरी, भाजपा के प्रदीप दूबे, छात्र नेता सौरभ तिवारी, बसपा नेता सरोज राजभर, रालोसपा के बबन सिंह कुशवाहा समेत अन्य ने शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की.

 

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