द जनमित्र डेस्क
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आज देशव्यापी आम हड़ताल के दौरान बक्सर जिला मुख्यालय पर भाकपा-माले, माकपा, भाकपा सहित विभिन्न मजदूर और किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने ज्योति चौक पर सड़क जाम कर केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य रूप से चार लेबर कोड्स को तत्काल रद्द करने, मनरेगा योजना की बहाली और भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को रद्द करने की मांग की, जिसे उन्होंने मजदूरों पर गुलामी थोपने वाली करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये चार लेब्र कोड्स ब्रिटिश काल के श्रम कानूनों से हासिल हुए अधिकारों को छीनकर मजदूरों को 100-150 साल पीछे धकेल देंगे, सामूहिक सौदेबाजी और यूनियन बनाने के अधिकार को कमजोर करेंगे तथा अधिकांश श्रमिकों को कानूनी सुरक्षा से बाहर कर देंगे।
भाकपा-माले के जिला सचिव नवीन कुमार, पूर्व विधायक एवं RYA राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत सिंह, पूर्व सांसद तेज नारायण सिंह सहित खेग्रामस, अखिल भारतीय किसान महासभा, स्कीम वर्कर्स, शिक्षक-कर्मचारी महासंघ गोपगुट के नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अंधाधुंध निजीकरण और मजदूर विरोधी नीतियां बंद की जाएं। ट्रेड यूनियनों को हड़ताल और संगठन बनाने का अधिकार छीना नहीं जा सकता।
प्रदर्शन के दौरान ज्योति चौक पर करीब एक घंटे तक जाम लगा रहा, जिससे ट्रैफिक ठप हो गया। पुलिस पहुंची तो हड़तालकारियों ने सड़क खाली करने से इनकार कर दिया। नोंकझोंक और धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने की घोषणा की। कार्यकर्ता जुलूस बनाकर नारे लगाते हुए मॉडल थाना पहुंचे और स्वेच्छा से गिरफ्तारी दी। थाने में लगभग दो घंटे बंद रखे जाने के दौरान जिले के विभिन्न गांवों से समर्थन में और कार्यकर्ता पहुंचते रहे, जिससे थाना परिसर हड़तालियों से भर गया।
इस हड़ताल में सैकड़ों की संख्या में मजदूर, किसान, युवा, महिला और स्थानीय नेता शामिल थे, जिनमें ज्योतिश्वर सिंह, जितेंद्र सिंह, परमहंस श सिंह, कन्हैया पासवान, जगनारायण शर्मा, भगवान दास, रामदेव सिंह, राजदेव सिंह, संध्या पाल, पूजा देवी आदि प्रमुख रहे।


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