अपराध

स्कूली छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार, ग्रामीणों ने जाम की सड़क

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द जनमित्र डेस्क

बक्सर जिले के केसठ प्रखंड अंतर्गत किरनी गांव में शनिवार को एक मासूम स्कूली छात्रा के साथ कट्टा दिखाकर हुए सामूहिक बलात्कार की घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। इस नृशंस अपराध ने बिहार में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना के विरोध में रविवार सुबह ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। महुआरी गांव के समीप मोहनिया-आरा मुख्य मार्ग पर सुबह 9 बजे आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। पीड़िता परिवार की सुरक्षा और आरोपियों को फांसी की सजा की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की गई। लगभग 5 घंटे तक हाइवे जाम रहा, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को ग्रामीणों ने सहयोग के लिए मनाया।

इस प्रदर्शन का नेतृत्व भाकपा (माले) के डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने किया। उन्होंने इस घटना को बेहद क्रूर और अमानवीय कृत्य बताते हुए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। डॉ. सिंह ने मांग की कि स्पीडी ट्रायल के जरिए आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि ऐसी वारदातों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों को केवल समझाने-बुझाने तक सीमित रही। ग्रामीण एसपी बक्सर के मौके पर आने और कार्रवाई का लिखित आश्वासन मिलने तक जाम नहीं हटाने पर अड़े रहे। अंत में एसपी के आश्वासन पर जाम खोला गया।

यह घटना बिहार में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा की पोल खोल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार की महिलाओं-बच्चियों सुरक्षा संबंधी नीतियां कागजी ही साबित हो रही हैं। पुलिस प्रशासन अपराधियों पर प्रभावी शिकंजा कसने में नाकाम है, जिससे अपराधियों में प्रशासन का कोई भय नहीं बचा। ग्रामीण इलाकों में आमजनता, खासकर स्कूल जाने वाली छात्राएं भय के साये में जी रही हैं।

परिवार चिंतित हैं और समाज में असुरक्षा का माहौल है। लोगों की मांग है कि सरकार तुरंत आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई करे, फास्ट ट्रैक कोर्ट से फांसी की सजा सुनिश्चित हो, ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, सीसीटीवी लगाए जाएं और जागरूकता अभियान चलाए जाएं। भाकपा (माले) ने इस मुद्दे पर संघर्ष जारी रखने की बात कही है।

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