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मौनी अमावस्या पर हजारों ने लगाई आस्था की डुबकी

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द जनमित्र डेस्क

मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर बक्सर के प्रसिद्ध गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बिहार के विभिन्न जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए यहां पहुंचे। सबसे ज्यादा भीड़ रामरेखा घाट पर देखी गई, जहां ब्रह्म मुहूर्त से ही लोग जमा होने लगे थे।

श्रद्धालुओं ने ठंडी सुबह में मौन व्रत रखते हुए गंगा में डुबकी लगाई। स्नान के बाद उन्होंने मां गंगा की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-शांति तथा समृद्धि की कामना की। ‘हर-हर गंगे’ और ‘जय मां गंगा’ के जयकारों से पूरा घाट क्षेत्र गूंज उठा।

बक्सर में गंगा उतरायणी का विशेष धार्मिक महत्व होने के कारण मौनी अमावस्या पर अन्य स्थानों की अपेक्षा यहां अधिक श्रद्धालु पहुंचते हैं। गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया सहित कई जिलों से लोग आए, जबकि दूर-दराज के राज्यों से भी बड़ी तादाद में भक्त यहां जुटे।

रामरेखा घाट के पुजारी लाला बाबा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। इस दिन देवी-देवता और पितर भी गंगा में स्नान करते हैं, जिससे कुंडली के अशुभ ग्रहों का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस वर्ष माघी अमावस्या पर कई शुभ संयोग बनने से पर्व का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई, जिससे स्नान व्यवस्था सुचारू रूप से चली और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

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