द जनमित्र डेस्क
बिहार के बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़का धकाईच स्थित राम जानकी मठ से तीन साल पहले चोरी हुईं राम दरबार की बहुमूल्य अष्टधातु मूर्तियां आखिरकार मंगलवार को अपने मूल स्थान पर लौट आईं। भोजपुर जिले के कोईलवर थाना के मालखाने में सुरक्षित रखी गईं सातों मूर्तियां विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंदिर समिति को सौंप दी गईं।

सीजेएम न्यायालय में छह लाख रुपये का बेल बॉन्ड भरने के बाद पुलिस ने इन मूर्तियों को रिलीज किया। इसके बाद मठ समिति के सदस्यों कन्हैया दुबे, सुधीर दुबे, रौशन पांडेय, नवीन कुमार सिंह तथा अधिवक्ता धनेश पांडेय ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर मूर्तियों को लेकर बक्सर के लिए प्रस्थान किया।
ये सभी मूर्तियां करीब 300 वर्ष पुरानी हैं, जिनकी स्थापना नेपाल के महाराजा द्वारा की गई थी। अधिवक्ता धनेश पांडेय के अनुसार, अष्टधातु से निर्मित ये प्राचीन मूर्तियां ऐतिहासिक व धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी अनुमानित कीमत लगभग 68 करोड़ रुपये है।
मूर्तियां 21 जनवरी 2023 को मठ से चोरी हुई थीं, जिनमें राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, लड्डू गोपाल सहित सात मूर्तियां और एक मुकुट शामिल थे। चोरी के अगले दिन 22 जनवरी को ही कोईलवर पुलिस ने आरा-छपरा मोड़ के पास एक कार से सभी मूर्तियां बरामद कर ली थीं और एक आरोपी को हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। तब से ये मूर्तियां मालखाने में रखी जा रही थीं।
यह घटना मठ के लिए पहली नहीं है। इससे पहले 6 जून 2011 को भी यहां से तीन मूर्तियां चोरी हुई थीं और पुजारी भुनेश्वर दास की हत्या कर दी गई थी। हालांकि, 2013 में वे मूर्तियां बरामद होकर मंदिर में पुनः स्थापित की गई थीं।
मठ के सचिव कन्हैया दुबे ने बताया कि 300 साल पुरानी इन मूर्तियों की घर वापसी से श्रद्धालुओं में उत्सव का माहौल है। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-पाठ और उत्सव की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं।


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